2025 में सड़क हादसे और मौतों का आंकड़ा घटा, फिर भी सरगुजा जिला टॉप टेन में

अंबिकापुर। एक माह तक निरंतर चलने वाले यातायात जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ 02 जनवरी को शहर के घड़ी चौक में स्थित यातायात कार्यालय में किया गया। बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष यातायात नियमों का पालन करने से सड़क दुर्घटना में होने वाली मृत्यु दरों में कमी आई है। समीक्षा में सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य 5 कारण सामने आए। इनमेंं दोपहिया वाहन में 3 सवारी, बिना हेलमेट के वाहन चलाना, ओवरस्पीड में वाहन चलाना, शराब पीकर वाहन चलाना एवं ओवर टेक करने से दुर्घटना होना पाया गया है।

जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस मुख्यालय में लगातार इस बात की समीक्षा होती है कि सड़क हादसों में कैसे कमी लाई जा सकती है, दुर्घटनाओं को रोकने के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा सकते हंै। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 2024 में जहां सड़क दुर्घटनाओं के 614 मामले हुए थे और इन दुर्घटनाओं में 354 लोगों की मौत हुई थी वहीं वर्ष 2025 में यह आंकड़ा घट कर 598 दुर्घटनाओं तक आया है, इसमें 302 लोगों की मौत हुई है जो बीते वर्ष के मुकाबले में 52 कम है। उन्होंने कहा कि सड़कों की स्थिति, डिवाइडर, मोड़ आदि विषयों को लेकर कलेक्टर के साथ बैठक होने वाली है, जिससे यातायात व्यवस्था में और सुधार हो सके। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा पूरे एक माह तक चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य इस वर्ष सड़क दुर्घटना एवं दुर्घटना से होने वली मृत्यु दरों में कमी लाना है। नवा बिहान सामाजिक संगठन के संयोजक मंगल पांडेय ने यातायात नियमों के अवहेलना के कारण बढ़ती दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि शिक्षा का स्तर तो बढ़ रहा है पर जागरूकता का स्तर नहीं बढ़ रहा है, जिससे ऐसी घटनाएं हो रही हैं।

समन्वयक अनिल मिश्रा ने भी 4 वर्ष पूर्व शुरू हुए संगठन में नशा के विरूद्ध कार्य के बाद दो वर्ष में सड़क सुरक्षा व सायबर सुरक्षा को लेकर अब तक 10 हजार बच्चों को जागरूक करने की बात कही।

दुर्घटनाओं में कमी लाने टेक्निकल खामियों पर नजर-कलेक्टर
मुख्य अतिथि कलेक्टर अजीत बसंत ने कहा वर्तमान में यातायात नियमों को तोड़ना और हेलमेट नहीं पहनना युवा वर्ग में कूल कहलाने का पर्याय बन गया है। नियम व हेलमेट जान की सुरक्षा के लिए हैं, जो कूल दिखने से ज्यादा जरूरी है। उन्होंनें कहा कि अनुशासन केवल सड़क पर ही नहीं घर व जीवन में भी आवश्यक हैं। व्यवस्था ऐसी बनानी होगी कि लोगों को यातायात के नियमों का पालन करने में गर्व की अनुभूति हो। कलेक्टर ने कहा कि जिले से करीब 150 किलोमीटर लम्बी राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़क गुजरती है, जिसमें से कुछ को अब 2 से 4 लेन करने पर काम शुरू होने वाला है, इसमें कई टेक्निकल खामियों को दूर करने का प्रयास होगा, जिससे दुर्घटनाओं में और कमी आएगी। जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने के बाद भी सरगुजा जिला टॉप 10 में है। सड़क हादसों में और कमी लाना काफी आवश्यक है। कलेक्टर ने बताया सड़क हादसों में 70 प्रतिशत हादसे दोपहिया वाहन चालकों के होते हैं इसलिए दो पहिया वाहन चालकों को जागरूक करना और यातायात नियमों का पालन कराना ज्यादा आवश्यक है।

मोटर व्हीकल एक्ट के तहत पिछले वर्ष 5738 कार्रवाई-एएसपी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो ने बताया कि प्रति वर्ष जनवरी माह में सड़क हादसों व यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए शासन द्वारा सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जाता है। पुलिस के द्वारा यातायात नियमों का पालन कराने मोटर व्हीकल एक्ट के तहत पिछले वर्ष 5738 कार्रवाई की गई है। इंटरसेप्टर वाहन से भी यातायात नियमों का उल्लंंघन करने वालों की निगरानी में काफी मदद मिल रही है। शासन द्वारा राहगीर योजना की शुरूवात की गई है, जिसमें सड़क हादसों में घायल लोगों को तत्काल अस्पताल ले जाने और उनकी जान बचाने वाले लोगों को पुरस्कृत करने का प्रावधान है। इससे हादसों के बाद जो कीमती समय किसी व्यक्ति की जान बचाने के लिए काफी महत्वपूर्ण है, उस समय में लोगों को उपचार की सुविधा मिलेगी और कई लोगों की जान बचेगी। सड़क हादसे में आहत को अस्पताल पहुंचाने से उन्हें पुलिस के पूछताछ का सामना करना पड़ेगा, यह भ्रांति भी दूर होगी।

जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
कलेक्टर सरगुजा अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह वर्ष 2026 के अंतर्गत पथ सुरक्षा, जीवन रक्षा रथ और मोटरसायकल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने क्षेत्र की जनता से यातायात नियमों का पालन करने व मीडिया के माध्यम से यातायात जागरूकता कार्यक्रम का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने की अपील की। नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल, सहायक आयुक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विनय सोनी, नवा विहान नशा मुक्ति आभियान के संयोजक मंगल पांडेय, समन्वयक अनिल कुमार मिश्रा, पर्वतारोही जितेन्द्र प्रताप, दिव्या राजवाड़े, आंचल गुप्ता, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अंबिकापुर की 12 वीं की छात्राओं के द्वारा वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने प्रेरित किया गया। मंच संचालन सुनीता दास शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ने किया।

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