जनमन सड़क योजना में भ्रष्टाचार, जिम्मेदार मूकदर्शक बने तमाशा देख रहे

बलरामपुर। प्रधानमंत्री जनमन सड़क योजना के अंतर्गत बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र में बन रही सड़क ने निर्माण के दौरान ही अपनी गुणवत्ता की पोल खोल दी है। धनेशपुर से छुराकोना तक लगभग 1 करोड़ 91 लाख रुपये की लागत से निर्मित की जा रही यह डामरीकृत सड़क बनते-बनते उखड़ने लगी है। हालात देखकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने ठेकेदार व जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के नाम पर केवल काले डामर की पुताई कर ऊपर से गिट्टी का छिड़काव कर दिया गया है। न तो आधार मजबूत किया गया और न ही मानकों का पालन किया गया। सड़क की हालत देखकर यह आशंका गहराने लगी है कि बरसात की पहली बारिश ही इसे बहा ले जाएगी।

मानकों की खुलेआम कर रहे अनदेखी
स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण में 60 एमएम की गिट्टी और सीमेंट में स्टोन डस्ट का उपयोग किया गया है। गुणवत्ता नियंत्रण पूरी तरह से नदारद नजर आ रहा है, जिससे स्पष्ट होता है कि निर्माण कार्य को जानबूझकर कमजोर रखा गया है। यह सड़क कोरवा बहुल क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दुर्गम इलाकों में रहने वाले कोरवा-पंडो जनजाति के लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली-पानी और शासन की योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से इस सड़क का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन भ्रष्टाचार ने सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना को मजाक बनाकर रख दिया है।

सरकारी मंशा पर पानी फेरते जिम्मेदार
जनमन योजना के माध्यम से आदिवासी अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की सरकार की मंशा पर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों ने पानी फेर दिया है। यदि समय रहते इस निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह योजना कागजों तक ही सिमट कर रह जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों की राशि आखिर किसकी जेब में जा रही है और जनता के पैसों की इस खुली लूट पर प्रशासन कब तक आंख मूंदे रहेगा।

ग्रामीणों ने कहा-सड़क बना कमाई का जरिया
ग्रामीण सुरेश सिंह ने बताया कि सड़क एक तरफ से बन रहा है और दूसरे तरफ से उखड़ रहा है। यहां से विधायक भी घूम कर गई हैं लेकिन अभी तक कुछ भी कार्रवाई नहीं हुआ है। यहां कई साल के बाद सड़क निर्माण हो रहा है, वह भी घटिया। समझ में नहीं आ रहा है कि सड़क बन रहा है या फिर सिर्फ लोगों को कमाने का जरिया है यह। ग्रामीण प्रभु राम ने कहा डामरीकरण में पतला-पतला डामर का पुताई किया गया है। अगर इस रास्ते से बड़ा गाड़ी चले तो धूल उड़ने लगेगी। गांव में अगर सड़क बनवा रहे हैं तो अच्छा बनाया जाए। इसे लेकर जनप्रतिनिधियों के समक्ष कई बार सवाल उठाया गया है, जो केवल चुनाव में आते हैं। इन्हें सड़क को देखने की फुर्सत नहीं है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलता है।

हॉट प्लांट दूर रहने से मटेरियल हो रहा ठंडा
सरपंच संघ के ब्लॉक अध्यक्ष संतोष इंजीनियर ने कहा कि सरपंचों से मिली जानकारी पर उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना, आदिवासी न्याय योजना के तहत बन रही सड़क की हालत बेहद खराब है। सड़क उखड़ रहा है ग्रामीण विरोध भी कर रहे हैं। टेक्निकली बात यह है कि हॉट प्लांट निर्माण कार्य स्थल से 50 किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए, लेकिन बाहर से ठंडा मटेरियल लाया जा रहा है। ऐसे में इसकी क्वालिटी का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा मैं खुद एक इंजीनियर हूं, इसीलिए इन सब चीजों को जानता हूं। जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और गुणवत्ता विहीन सड़क माफी योग्य नहीं है।

पैदल चलने के लिए बन रहा रोड
नगर पंचायत कुसमी के राजेंद्र भगत ने कहा कि इस क्षेत्र में गुणवत्ताहीन सड़कंे बन रही हंै। उंगली से सड़क उखड़ जा रही है। केंद्र सरकार की यह महत्वपूर्ण योजना राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों के लिए है। जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे थे, उन्होंने ग्रामीणों को कह दिया कि कोरवा लोगों के पैदल चलने के लिए रोड बन रहा है। इस्टीमेट में ही ऐसा है, इसीलिए ऐसा रोड बन रहा है।

उप अभियंता ने फोन नहीं किया रिसीव
उप अभियंता गोपाल सिंह सिदार से घटिया सड़क निर्माण को लेकर फोन के माध्यम से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

 

 

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