रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी) – लॉकडाउन के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है। दिनभर मेहनत करके दो वक्त के रोटी जुगाड़ करने वाले ग्रामीणों के समक्ष पैसों को लेकर लाले पड़े हुए हैं और इसके बीच शासन के निर्देशों के बाद विवाह हेतु अनुमति लेने के लिए ग्रामीण दोहरा मार झेल रहे हैं। स्थानीय तहसील कार्यालय में विवाह अनुमति पत्र बनाने के लिए खर्चा पानी के नाम पर हजारों रुपए की अवैध उगाही की जा रही है । किसी तरह ग्रामीण मजबूर होकर कई दिनों से तो कार्यालय का चक्कर काटने के बाद रिश्वत देने मजबूर हैं।                                                                           

 गौरतलब है कि कोरोना वायरस के कारण  लॉकडाउन हो जाने पर गरीब लोगों को खाने पीने की दिक्कत होने लगी है।  इसी बीच विवाह करने योग्य पुत्र पुत्रियों की शादी करना अति आवश्यक है। यहां शासन के निर्देश के बाद विवाह करने हेतु भोले-भाले ग्रामीण अनुमति पत्र लेने हेतु स्थानीय तहसील कार्यालय में पहुंच रहे हैं नगर में स्थित तहसील कार्यालय के अंतर्गत 100 से अधिक गांव हैं जहां के ग्रामीण विवाह आमंत्रण पत्र छपवा कर आवेदन के साथ नायब तहसीलदार के रीडर के समक्ष पहुंच रहे हैं जहां उनके आवेदन को रख लिया जा रहा है और जल्द बन जाएगी की आश्वासन देकर उन्हें घर जाने को कह दिया जा रहा है। इसी बीच 10 दिन से अधिक लोग तहसील कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं परंतु रीडर के आतंक के कारण विवाह अनुमति पत्र नहीं बन पा रहा है । ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहां है कि रीडर राकेश खेड़ा के द्वारा खर्चा पानी के नाम पर अवैध उगाही किया जा रहा है जिसको लेकर ग्रामीणों की आरोपों को पत्रकारों ने वीडियो क्लिप भी बनाया है।

                                                                   
 ₹500 से ₹5000 तक की अवैध वसूली- इस संबंध में ग्राम सलवाही के जमुना रवि ने कहा कि मैं अपने लड़के के शादी हेतु अनुमति पत्र बनवाने आया हूं परंतु नायब तहसीलदार के रीडर के द्वारा 4 हजार रुपए की मांग की गई है। ग्राम कामेश्वर नगर के लालमोहन बैठा ने कहा कि अपने पुत्र पुत्री की शादी के लिए आए हुए हैं 1 हजार रुपए की मांग की जा रही है। ग्राम विमलापुर के दिलीप यादव ने बताया कि अनुमति हेतु सात सौ रुपए लगेंगे । ग्राम पचावल के गोपाल मणि ने कहा कि हमारे पुत्र की शादी है इनके द्वारा साफ तौर पर आरोप लगाया गया है कि नायब तहसीलदार के रीडर को 1000 रुपये बतौर परमिशन देने हेतु मैंने दिया है परंतु अभी तक कई दिनों से दौड़ाया जा रहा है। ग्राम रेवतीपुर के मोहम्मद नईम, शमशेर आलम ने कहा कि हम लोग भी विवाह हेतु अनुमति पत्र बनवाने आए हुए हैं परंतु हम लोगों से भी सात सौ रुपए की मांग की गई है। इसी तरह दिनेश गुप्ता ने बताया कि हम लोग मजबूर हैं हम लोगों का सुनने वाला कोई नहीं है किसी तरह अपने लड़के के शादी करने हेतु अनुमति लेने आए हुए हैं परंतु यहां पर भी राशि की मांग की जा रही है और मैं मजबूर होकर रीडर को 500 रुुपये दिया है। तब जाकर अनुमति प्राप्त हो पाया है। ग्राम सनावल, इंद्रावतीपुर के लोगों ने भी बताया कि हम लोगों से भी राशि की मांग की जा रही है। ग्राम डिंडो के संतोष यादव ने कहा कि हम अपने साली के शादी हेतु अनुमति लेने आए हुए हैं परंतु हमसे भी 1000 रुपये की अवैध वसूली रीडर के द्वारा किया गया है।

                                       
मंगलवार के दिन थी तिलक और पिता बैठा था अनुमति लेने हेतु कार्यालय में-शासन ने तो नियम को सरल बनाने के उद्देश्य से तहसील कार्यालय से परमिशन लेकर विवाह करने की आदेश पारित किया है परंतु यह तो ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गई है और तहसील कर्मचारियों के लिए तो यह नियम सोने के अंडा देने जैसा हो गई है परंतु उस वक्त अधिक मन विचलित हो गया जब बीते दिन मंगलवार के दिन ग्राम डिंडों के रामलाल विश्वकर्मा ने विधिवत शादी कार्ड छपवा कर एवं आवेदन के साथ नायब तहसीलदार के रीडर  के समक्ष दिया हुआ था ताकि समय रहते परमिशन मिल सके। परंतु अफसोस की बात है कि मंगलवार के दिन इसके पुत्र का तिलक है जहां इन्हें अपने घर पर रहकर मेहमानों का आदर सम्मान करना चाहिए था परंतु यह अब अनुमति लेने हेतु तहसील कार्यालय में बैठे हुए थे । लीडर के द्वारा अवैध राशि की मांग करते हुए 500 रुपए लिया है उसके बाद भी  मंगलवार के  दिन तक अनुमति पत्र नहीं दी गई । 

 शादी के लिए अनुमति आदेश बनाने के नाम पर तहसील कार्यालय में अवैध उगाही को लेकर एसडीएम अभिषेक गुप्ता ने कहा कि यह नया नया नियम बनाया गया है जिस में थोड़ी दिक्कत हो रही है परंतु यदि नायब तहसीलदार के रीडर के द्वारा ग्रामीणों से अवैध उगाही की जा रही है तो इस पर जांच की जाएगी और मैं ग्रामीणों से आह्वान करता हूं कि यदि अनुमति आदेश हेतु राशि की मांग की जाती है तो सीधा हम से संपर्क कर सकते हैं।                                   
                     
कलेक्टर श्याम धावड़े ने कहा कि इस संबंध में मुझे जानकारी नहीं थी तहसील कार्यालय के नायब तहसीलदार के रीडर के द्वारा अवैध वसूली की जा रही है तो जांच करते हुए उसके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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