वित्तमंत्री के निर्देश के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अपूर्ण निर्माण को मिलेगी गति

अंबिकापुर। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधूरे निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग ने रेट अप्रूवल जारी कर दिया है। अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए वित्त विभाग की ओर से 99 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। टेंडर होने के बाद भी कई महीने से रेट अप्रूवल लटका था। इसे लेकर बीते दिनों अंबिकापुर प्रवास पर पहुंचे छत्तीसगढ़ के वित्तमंत्री ओपी चौधरी और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव की जुबानी जंग सामने आई थी।

बता दें कि, राजमाता देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण अप्रैल 2023 से राशि के अभाव में बंद पड़ा था। अस्पताल भवन के शेष निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए 109 करोड़ रुपये की जरुरत थी, लंबे इंतजार के बाद 109 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा नवंबर 2024 में की गई, लेकिन शासन स्तर से सिर्फ 98 करोड़ रुपये ही जारी किये गये। शासन के निर्देश और आश्वासन के बाद लोक निर्माण विभाग ने टेंडर की प्रक्रिया पूरी की। रायपुर कंस्ट्रक्शन कंपनी का रेट सबसे कम आया, विभाग ने रेट अप्रूवल के लिए फाइल भेज दी थी। शासन से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण वर्क ऑर्डर जारी नहीं हो पा रहा था।

इसी क्रम में हाल में प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का काम अधूरा होने को लेकर कहा था कि, भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव के झगड़े के बीच हॉस्पिटल का काम पूरा नहीं हो पाया। ओपी चौधरी के बयान पर टीएस सिंहदेव ने पलटवार करते हुये कहा था कि, ढाई साल में भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका, वित्तमंत्री ओपी चौधरी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिये। इधर वित्तमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से टेंडर को लेकर जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि अप्रूवल रायपुर से नहीं मिलने के कारण वर्क ऑर्डर जारी नहीं हो पाया है। उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बात करके तत्काल अप्रूवल जारी करने के निर्देश दिये थे। इनके निर्देश के बाद हरकत में आये लोक निर्माण विभाग ने अप्रूवल जारी कर दिया है, अब काम जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।

शासन से 374 करोड़ की मिली थी स्वीकृति

मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भवन निर्माण के लिए शासन से कुल 374 करोड़ की स्वीकृति मिली थी। इसमें 168 करोड़ रुपये की लागत से अस्पताल भवन का काम होना था। इस राशि से सिर्फ अस्पताल के पांच मंजिला भवन को ही खड़ा किया जा सका है। अस्पताल भवन में प्लास्टर, पेंट-पुट्टी, टाइल्स, सेनेटरी वेयर का काम शेष है। विद्युतीकरण का भी काम आधा ही हो पाया है। दरवाजा, खिड़की, गैस, ऑक्सीजन पाइप लाइन, एसी सहित अन्य कार्य भी शेष हैं।

बयान

टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रेट अप्रूवल नहीं मिल सका था। रेट अप्रूवल मिल गया है। हमने निर्माण एजेंसी को फोन कर दिया है, इनके आने पर वर्क आर्डर जारी हो जाएगा। राशि कम पड़ेगी तो वर्क एक्सटेंशन लिया जाएगा।

वीरेंद्र चौधरी, ईई पीडब्लूडी सरगुजा 

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