रायपुर। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर कांग्रेस के सार्वजनिक कलह का हवाला देते हुए कहा कि सरगुजा अंचल में राज्योत्सव के पावन अवसर पर भी बाबा-भूपेश विवाद की काली छाया प्रकट हो गई, यह राज्य की जनता का अपमान है।

राज्योत्सव कांग्रेस का निजी आयोजन नहीं, बल्कि राज्य के जन-जन का सबसे बड़ा त्यौहार है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण करके हम सभी को उपलब्ध कराया है। भाजपा आम जनता के साथ गौरव दिवस मना रही है, दूसरी तरफ कांग्रेस के नेता उपेक्षा का आरोप लगा राज्योत्सव का बहिष्कार कर रहे हैं, धरने पर बैठ रहे हैं। कांग्रेसियों में कुर्सी युद्ध चल रहा है। पूरे छत्तीसगढ़ में कांग्रेसी महाभारत के नजारे आम हैं। अब तो राज्योत्सव को ही कांग्रेस की कलह का कलंक लग गया। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने अंबिकापुर में आयोजित राज्योत्सव के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बहिष्कार और मनेंद्रगढ़ में नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल द्वारा साथियों सहित धरने पर बैठ जाने की घटनाओं पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस के लोगों को जितना भी लडऩा, झगडऩा, एक-दूसरे गुट का अपमान करना है, वह पूरे जोश से करें, लेकिन जनता के उत्सव में नहीं, कांग्रेस के दफ्तरों में करें। कांग्रेसियों के सांस्कृतिक कार्यक्रम राजीव भवनों में ही शोभा देते हैं।


कांग्रेस की गुटबाजी से सरगुजा कुरूक्षेत्र बना
अनुराग सिंहदेव ने कहा कि सरगुजा क्षेत्र को कांग्रेस की गुटबाजी ने कुरुक्षेत्र बना दिया है। कांग्रेस के लोग ही स्थानीय विधायक व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव सहित उनके गुट की उपेक्षा का आरोप लगा रहे हैं। बहिष्कार कर रहे हैं, बहस हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह कांग्रेस का मंच है या राज्य का उत्सव? आलम यह है कि राज्योत्सव में पहुंचे मुख्य अतिथि संसदीय सचिव पारसनाथ राजवाड़े भी पार्टी का मामला बताकर हाथ खड़े कर दिए। कांग्रेस सरकार बताए कि राज्योत्सव कांग्रेस का मामला कैसे हो गया? मनेन्द्रगढ़ जिला पंचायत के उपाध्यक्ष वेदांती तिवारी ने भी हाल में बचरा पोड़ी तहसील के उद्घाटन के मौके पर कार्ड में अपना नाम नहीं होने के विरोध में जमीन पर बैठकर आपत्ति दर्ज कराई थी। अनुराग सिंहदेव ने कहा अटलजी द्वारा निर्मित छत्तीसगढ़ को बख्श दे कांग्रेसी।

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