सड़कों की दुर्गति को लेकर जताया आक्रोश, कहा-सीएम की छवि धूमिल करने का हो रहा प्रयास

गिरजा ठाकुर
अंबिकापुर। सरगुजा की खराब सड़कों सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार को एनएसयूआई के पदाधिकारी व कार्यकर्ता लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। यहां आने पर पता चला कि मुख्य अभियंता सर्किट हाउस में आहूत लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की बैठक में गए हैं। ऐसे में एनएसयूआई के अध्यक्ष निकेत चौधरी सहित अन्य डिब्बे में बालूू, मलबा लेकर सर्किट हाउस पहुंच गए और मुख्य अभियंता का सांकेतिक घेराव किया। इस दौरान छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और सड़कों की दुर्गति की ओर ध्यानाकर्षण करा ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेखित है कि वर्तमान में सरगुजा संभाग की सड़कों की हालात अत्यंत जर्जर व दयनीय है। आए दिन नागरिकों के स्वास्थ्य एवं जान-माल के साथ खिलवाड़ हो रहा है। शहर से लगे बनारस मार्ग, अंबिकापुर-दरिमा, बरियों-धौरपुर, रघुनाथपुर, लुंड्रा, राजपुर-कुसमी, लटोरी-भैयाथान सहित अन्य मार्गों की हालत ऐसी है कि लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। सड़क पर गड्ढे तो हंै ही, खराब सड़कों से उड़ रही धूल से राहगीर और सड़क मार्ग के आसपास रहने वाले परेशान हैं। इन मार्गों की खराब स्थिति एवं कार्य की धीमी प्रगति का होना कहीं-न-कहीं अधिकारियों की घोर लापरवाही को दर्शाता है। एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष निकेत ने कहा है कि प्रदेश सरकार के मुखिया भूपेश बघेल द्वारा सड़कों की हालत को सुधारने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं लेकिन उनके आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है, जो सरकार की छवि खराब करने का कुत्सित प्रयास है। एनएसयूआई ने सात दिवस के अंदर गड्ढा मुक्त सड़क और डामरीकरण की पहल करने व इस अवधि में खस्ताहाल एवं निर्माणाधीन सड़कों पर पानी छिड़काव की पर्याप्त व्यस्था करने की मांग की है, ताकि जनसामान्य को धूल से मुक्ति मिले। एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि अगर अधिकारियों ने मांगों को गंभीरता से संज्ञान नहीं लिया तो आने वाले दिनों में वे ईएनसी कार्यालय रायपुर का घेराव करेंगे। इस दौरान काफी संख्या में एनएसयूआई के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
बेरोजगारों को नहीं दिया काम
एनएसयूआई के अध्यक्ष निकेत चौधरी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने ई-पंजीयन के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को काम देने की बात कही थी, लेकिन अब तक बेरोजगार युवाओं को किसी तरह का काम नहीं दिया गया है। वहीं शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में धूल के उड़ते गुबार से राहगीरों को आने-जाने में होने वाली परेशानियों से भी अवगत कराया गया लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। मुख्य अभियंता केके पिपरी ने जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान करने की बात कही है।
कलेक्टर के आदेश की अवहेलना
सरगुजा कलेक्टर कुंदन कुमार ने भी अंबिकापुर शहर सहित सरगुजा जिले की सड़कों के सुधार के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है, लेकिन उनके दिशा-निर्देशों को अभी तक अनसुना किया जा रहा है। जनाक्रोश बढऩे पर सड़कों में पैबंद लगाने की खानापूर्ति की जाती है, जो चंद दिनों की मेहमान रहती है। कई बार जनप्रतिनिधियों, नागरिकों ने जर्जर सड़क के कारण होती दुर्घटनाओं पर ध्यान दिलाया लेकिन लग्जरी वाहनों में चलने वाले अधिकारियों को आम लोगों को होती परेशानी से कोई लेना-देना नहीं है। यही कारण है कि छात्र संगठन को भी सड़क की दुर्दशा को लेकर मुखर होना पड़ा है।    

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