मनेंद्रगढ़ ! रोटी कपड़ा मकान मनुष्य के जीवन की आजीविका के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीजें लेकिन इसके बाद अगर मानवता के लिए सबसे जरूरी है तो वह है स्वास्थ्य सुविधाएं | भौगोलिक दृष्टि से मनेंद्रगढ़ एक ऐसा क्षेत्र है जिसके आसपास के सभी क्षेत्रों के जमीन के नीचे तो कोयला है मगर मनेंद्रगढ़ एक समतल क्षेत्र है यहां कोयला नहीं होने के कारण एवं बने नगर एक व्यापारी क्षेत्र के नाम से प्रसिद्ध होने के कारण कोल वेलफेयर के तहत कोल इंडिया द्वारा पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉक्टर चरणदास महंत के प्रयासों से मेडिकल कॉलेज की घोषणा सन 2011 में हुई थी मनेंद्रगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं का काफी अभाव है हजारों की तादाद में कोयला कर्मचारी यहां कार्यरत है परंतु क्षेत्र के लिए दुर्भाग्य की बात है घोषित होने के बाद भी एवं इसका आधा पैसा तकरीबन 200 करोड़ पर प्रस्तावित स्वीकृत होने के बाद भी यहां कार्य शुरू न हो पाना यह मनेंद्रगढ़ के लिए ही नहीं पूरेवंश कोरिया जिले एवं आसपास के क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा दुर्भाग्य है उसी को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त सचिव विधि प्रकोष्ठ राजेंद्र तिवारी ने मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ सरकार, प्रधानमंत्री भारत सरकार, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री, कोरबा लोकसभा सांसद, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी विधि प्रकोष्ठ नई दिल्ली, एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ शासन को पत्र भेजकर पूर्व घोषित मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज की मांग की है! श्री तिवारी ने पत्र में उल्लेखित किया है कि पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं वर्तमान में छत्तीसगढ़ विधानसभाओं के अध्यक्ष चरणदास महंत के मांग पर तत्कालीन केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के द्वारा चर्चा कॉलरी जिला कोरिया में एस ई सी एल के एक प्रोग्राम में मनेंद्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज खोले जाने की घोषणा किया गया था जिसकी पुष्टि उनके द्वारा लोकसभा में वर्ष 2011 में पूर्व केंद्रीय कोयला राज्यमंत्री प्रतीक प्रकाश बाबू पाटिल जएगा तजने भी दिनांक 23 /11/ 2011 को लोकसभा में पूछे गए प्रश्न क्रमांक 448 का उत्तर देते समय की थी उस समय कोयला मंत्रालय ने चार मेडिकल कॉलेज बनाना प्रस्तावित किया था जिसमें मनेंद्रगढ़ सहित तालचेर रांची धनबाद मैं मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाना था मनेंद्रगढ़ जिला कोरिया छत्तीसगढ़ प्रदेश का अनुसूचित क्षेत्र के साथ-साथ पिछड़ा क्षेत्र है जहां पर आदिवासी एवं अन्य गरीब तबकों के छात्रों के विकास का समुचित अवसर प्रदान नहीं हो पा रहा है और मनेंद्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से इस क्षेत्र के आदिवासी पिछड़े एवं गरीब तबके के नव युवकों को समुचित शिक्षा चिकित्सा रोजगार एवं अन्य सुविधाओं का अवसर प्रदान होगा साथ ही मनेंद्रगढ़ से लगे सीमावर्ती राज्य मध्य प्रदेश के लोगों को भी संपूर्ण सुविधा का लाभ प्राप्त हो सकेगा इस आदिवासी बाहुल्य अंचल के विकास एवं मेडिकल सुविधाओं के लिए मेडिकल कॉलेज स्थापना की विशेष योजनाएं भी है तथा अनुसूचित क्षेत्र के विकास के लिए प्रति वर्ष केंद्र से हजारों करोड़ बजट भी स्वीकृत होता है ! भारत सरकार की नई स्कीम के तहत अनुसूचित पिछड़ा एवं पहाड़ी क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज संचालन के लिए 90 प्रतिशत केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी! इस तरह मनेंद्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से राज्य सरकार का कोई विशेष आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा बल्कि प्रदेश में उच्च मेडिकल सुविधाएं बढ़ जाएंगी जिसका सीधा लाभ क्षेत्रीय जनता को प्राप्त होगा ! मेडिकल कॉलेज कोयला मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित है और सीएसआर मद से बनना है जिसके लिए 200 करोड रुपए कोल इंडिया द्वारा स्वीकृति भी की गई है ! मनेंद्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से यहां एक और इस क्षेत्र में नव युवकों को यथेष्ठ शिक्षण रोजगार चिकित्सा के अवसर प्राप्त होंगे एवं क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित एवं अति आवश्यक मांग की पूर्ति हो सकेगी क्योंकि चिकित्सकीय अभाव में कई क्षेत्रीय जन काल के गाल में समा जाते हैं! उक्त आग्रह करते हुए अधिवक्ता राजेंद्र तिवारी प्रदेश संयुक्त सचिव विधि प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा समुचित विकास के लिए मांग की गई है कि मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाए जिससे क्षेत्र की जनता सदैव ऋणी रहेगी!

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