अंबिकापुर. पीएचई विभाग के मैकेनिकल इंजीनियर की सोमवार की शाम को उसके कमरे में लाश मिली है। इंजीनियर मध्यप्रदेश का रहने वाला था और अंबिकापुर में शिवधारी कॉलोनी में किराए के मकान में अकेला रहता था। पुलिस को उसके कमरे से जहर की गोलियां व सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में बीमारी व जीवन से परेशान होने का जिक्र किया गया है। फिलहाल गांधीनगर पुलिस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मरच्यूरी में शव को रखवा कर परिजन के आने का इंतजार कर रही है।
जानकारी के अनुसार ५६ वर्षीय मोहित शर्मा पिता बृजकिशोर शर्मा मध्यप्रदेश के साजापुर थाना क्षेत्र के ग्राम नीमबाड़ी का रहने वाला था। वह अंबिकापुर में पीएचई विभाग के मैकेनिकल इंजीनियर के पद पर पदस्थ था और शहर के शिवधारी कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। खाना बनाने के लिए उसने नौकरानी रखी थी। बाई रविवार की शाम को खाना बनाकर घर चली गई थी। उस समय सब कुछ ठीक था। सोमवार की सुबह बाई जब खाना बनाने इसके घर पहुंची तो दरवाजा भीतर से बंद था। उसने दरवाजा खुलवाने का काफी प्रयास किया पर अंदर से कोई जवाब नहीं आया। नौकरानी को लगा कि अब तक सो रहे होंगे, इस लिए दरवाजा नहीं खोला। पुन: शाम को जब वह खाना बनाने पहुंची तो दरवाजा बंद पड़ा था। काफी आवाज देने के बाद भी कुछ आवाज नहीं आया तो उसे संदेह हुआ और मामले की जानकारी मकान मालिक को दी। मकान मालिक ने दूसरे के छत पर पीछे की ओर जाकर देखा तो इंजीनियर मोहित अर्धनग्न आंगन में मृत अवस्था में गिरा पड़ा था।
पुलिस को दी गई जानकारी
मकान मालिक ने घटना की जानकारी गांधीनगर पुलिस को दी। इसके बाद मामले की जानकारी पीएचई विभाग को दी गई। इस दौरान कई अधिकारी व कर्मचारी उसके घर पहुंचे। पुलिस घर का दरवाजा तोडक़र अंदर घुसी तो उसका शव आंगन में पड़ा था और पास में डस्टबीन में जहर की गोली भी मिली। पुलिस ने घटना की जानकारी मोहित के परिजन को दे दी है और उसके शव को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मरच्यूरी में रखवाकर परिजन के आने का इंतजार कर रही है।
सुसाइड नोट भी मिला
पुलिस ने बताया कि मौत का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। घर के डस्टबीन में जहर की गोलियां व सुसाइड नोट भी मिला है। उसका मानसिक रोग का इलाज व बीपी पेशेंट का इलाज चल रहा था। इलाज नहीं हो पा रहा है, लिखा हुआ है। फिलहाल पुलिस परिजन के आने का इंतजार कर रही है।

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