अंबिकापुर. शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम अमगांव में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के पेट व सीने में चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था। चाकू के हमले में पेट से दो से ढाई लीटर खून का रिसाव हो चुका था। महिला जब मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंची तो स्थिति काफी नाजुक हो चुकी थी। इस दौरान मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सर्जरी हेड डॉ. एसपी कुजूर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला की जान बचाने के लिए ऑपरेशन ही एक मात्र विकल्प बताया। फिर चिकित्सकों की टीम ने सोमवार की सुबह ६ बजे तीन घंटे तक ऑपरेशन कर महिला की जान बचा ली। महिला फिलहाल आईसीयू में भर्ती है।
२२ वर्षीय अमिता पैकरा पति शनिचरा शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम अमगांव का निवासी है। किसी बात को लेकर पति ने पत्नी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था। चाकू पेट व छाती में लगी थी। रक्त स्राव हो जाने के कारण महिला काफी गंभीर हो चुकी थी। परिजन ने सोमवार की सुबह ६ में महिला को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करवाया। यहां इमरजेंसी डॉक्टर ने महिला का चेकअप किया। इस दौरान महिला बेहोश थी। महिला की स्थिति को देखते हुए इमरजेंसी डॉक्टर ने इसकी जानकारी सर्जिकल विभाग के एचओडी डॉ. एसपी कुजूर को दी। डॉक्टर एसपी कुजूर ने मामले को गंभीरता से लिया और वह तत्काल अस्पताल पहुंच कर महिला का इलाज शुरू किया। जांच में पाया गया कि चाकू के हमले में महिला के पेट की तिल्ली फट चुकी है। इससे दो से ढाई लीटर खून का रिसाव होकर पेट में ही फैल गया है।


3 घंटे तक चला ऑपरेशन
डॉ. एसपी कुजूर ने टीम के साथ महिला का ऑपरेशन कर तिल्ली को बाहर निकाला। चाकू के हमले में तिल्ली फट चुकी थी और धमनी को भी ज मी कर दिया था। चिकित्सकों ने बताया कि अगर समय पर पेट से तिल्ली नहीं निकाली जाती तो महिला की जान को खतरा था और उसकी मौत भी हो सकती थी। ऑपरेशन करने वालों में डॉ संतोष, डॉ. अभिजीत दीवान और डॉ. भूपेश भगत शामिल थे। महिला की स्थ्तिि अभी खतरे से बाहर है और उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

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