परिषद की बैठक में पार्षदों का हंगामा, ट्रांसफार्मर के बिना लग रहे फ़व्वारे…

बैकुंठपुर/ नगर पालिका परिषद बैकुंठपुर अंतर्गत गर्मी के मौसम में नगरपालिका की लापरवाही के कारण निकाय क्षेत्र में वॉटर टैंकर के माध्यम से पानी सप्लाई का कार्य समुचित ढंग से नही हो पा रहा है। शहर में पेयजल आपूर्ति पुराने व टूटे-फूटे टैंकरो से हो रही है। टैंकर का आधा पानी सड़क पर बहता  रहता है। नपा में इस विषय को लेकर बुधवार को हुई  बैठक काफी हंगामेदार रही।परिषद में भरी गर्मी में टैंकर सुधारने का प्रस्ताव लाया गया। जिस पर सभी पार्षदों ने एतराज जताते हुए कहा कि जनवरी में टैंकर क्यों नही सुधरवाये गए। टूटे-फूटे टैंकरो से शहर में पानी सप्लाई हो रहा है। जिससे आधा पानी सड़क पर बहता रहता है। पार्षदों ने बताया कि उपस्थिति रजिस्टर में  3-4 पन्ने छोड़ हस्ताक्षर करवा लिया जाता था, बाद में एजेंडा लिखकर पास माना जाता था। पर इस बार पार्षदों ने उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर नही किए।पार्षदों का कहना था कि चिल्ड्रन गार्डन में दो फव्वारे सालो से बंद पड़े है। वहां विद्युत आपूर्ति के लिए  ट्रांसफार्मर ही नही है। और अब उसी पार्क में तीसरा फव्वारा लगाने की तैयारी है। जिसका परिषद की बैठक में भारी विरोध भी हुआ।
विदित हो कि नगरपालिका प्रशासन की लापरवाही से  बैकुंठपुर के वार्डों में पानी ले  जाने वाले टैंकरों जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है। समय पर मरम्मत ना होने से  फिल्टर प्लांट में दर्जनों पानी टैंकर टूटे-फूटे हालात में पड़े हुए हैं। इसकी जानकारी समाजसेवी अनुराग दुबे द्वारा द्वारा जनवरी माह में ही बैकुंठपुर के मुख्य नगरपालिका अधिकारी    को दी गई थी। फिल्टर प्लांट में तीन तीन आदमियों की ड्यूटी वेल्डिंग मिस्त्री के रूप में लगी हुई है। उनसे यहां पर पड़े हुए टैंकरों की मरम्मत करवा चाहिए। क्योंकि आने वाले महीने में गर्मी पड़ेगी तो यह टैंकर बन जाएंगे तो अधिकतर वार्ड में पानी सप्लाई मैं आसानी होगी। पर आज तक इन कबाड़ के रूप में फिल्टर प्लांट में पड़े हुए टैंकरों का मरम्मत नहीं कराया गया और इन्हीं टूटे-फूटे टैंकरों से वार्ड में पानी सप्लाई कराया जा रहा है। जिसमें कि अधिकतर पानी रोड में ही बह जाता है। बैकुंठपुर  नगर पालिका और जवाबदार जनप्रतिनिधियों को यह सब छोटी-छोटी समस्या नहीं दिखती है। यही हाल ट्रैक्टर इंजन का भी है अधिकतर ट्रैक्टर इंजन धक्का परेड हो चुके हैं।  उन्हें भी बनवाया नहीं जा रहा है। रिपेयरिंग के नाम का बिल निकलता है काम कुछ नहीं होता है।

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