राजेन्द्र ठाकुर (राजू )बलरामपुर-बलरामपुर – कोरोना काल के समय 18 माह तक स्कूल बंद होने से बच्चों की लर्निंग लॉस की भरपाई के लिए नवा जतन सेतु पाठ्यक्रम 2.0 के तहत उपचारात्मक शिक्षण हेतु प्रशिक्षण जिला स्तर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महाराजगंज में संपन्न हुआ। जिला स्तरीय प्रशिक्षण में जिले के कुल 6 विकासखंड के संकुल समन्वयक तथा पीएलसी सदस्य सम्मिलित हुए। यह प्रशिक्षण 14 से 18 दिसंबर तक आयोजित हुआ। प्रशिक्षण के मुख्य मास्टर ट्रेनर तथा प्रशिक्षण प्रभारी विनोद पटेल एपीसी बलरामपुर ने बताया कि एन ई पी 2020 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें प्राथमिक स्तर पर मुख्य रूप से कार्य करने की जरूरत है,तथा FLN के अंतर्गत भाषा साक्षरता व संख्या ज्ञान में बच्चों को कक्षा तीसरी स्तर तक पूर्ण रूप से दक्ष करना होगा।मास्टर ट्रेनर मुकेश भाई पटेल ने बताया कि नवा जतन कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्य रूप से उपचारात्मक शिक्षण पर बल दिया गया है जो कि कक्षा में अध्यापन के दौरान ही किया जाना है। इसके लिए एससीईआरटी रायपुर के द्वारा 6 बिंदु तैयार किए गए हैं।.स्वयं से सीखने के लिए प्रेरित करना।स्वयं से और अधिक सीखने के लिए चुनौती देना।पियर लर्निंग,विषय मित्र,ग्रुप लर्निंग और गली मित्र बनाना। बच्चों की जिज्ञासा का सम्मान करना। सीखने में प्रौद्योगिकी का उपयोग करना। सेल्फी विद सक्सेस। जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी देते हुए प्रशिक्षण दिया गया।मास्टर ट्रेनर महाबलेन्द्र पटेल ने भाषा के अंतर्गत 5 स्तर(वर्ण,मात्रा,शब्द,अनुच्छेद और कहानी स्तर)और गणित के अंतर्गत 7 स्तरों का विस्तार से वर्णन किया तथा विद्यार्थियों को उन स्तरों में विभाजित कर उनके लिए अलग-अलग प्रकार की कार्य योजना तैयार करने पर प्रकाश डाला।नवा जतन प्रशिक्षण के समापन के अवसर पर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी के एल महिलांगे, सहायक संचालक बंधेश सिंह तथा एपीसी आनंद प्रकाश गुप्ता सम्मिलित हुए।

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