0 सामने आया जांच में करोड़ो का घोटाला

0 समिति प्रबंधक समेत अन्य जिम्मेदारों पर प्राथमिकी दर्ज व राशि वसूली किये जाने के निर्देश


सूरजपुर। जिले के कई धान खरीदी केंद्रों में जांच के बाद करोड़ो का घपला सामने आ रहा है। जिले के शिवप्रसादनगर धान खरीदी में जहां पौने तीन करोड़ रुपये का घोलमोल सामने आ चुका है। वहीं लोधिमा व जयनगर के धान खरीदी केंद्र में भी खरीदी किये गए धान  बड़े पैमाने पर कम पाए गए है।  संबंधितो के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने एवं राशि वसूली किये जाने के निर्देश जिला प्रशासन के द्वारा जारी किया गया है।कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश के परिपालन में सहायक खाद्य अधिकारी संदीप कुमार भगत, जिला विपणन अधिकारी उपेन्द्र कुमार, सहकारी निरीक्षक ए. के. अंसारी, खाद्य निरीक्षक नीतिश कुमार एवं कमलेश पटेल द्वारा संयुक्त रूप से संग्रहण केन्द्र लोधिमा में वर्ष 2019-20 के संग्रहित धान में शार्टेज एवं नुकसान के संबंध में  जांच किया गया। संग्रहण केन्द्र में 626997.41 क्विंटल धान भण्डारित हुआ था जिसमें से 544347.25 क्विं. धान परिदान किया गया। संग्रहण केन्द्र में ऑनलाईन रिर्पोट अनुसार 82650.16 क्विं. 104687 बारदाने प्रदर्शित पाया गया। संग्रहण केन्द्र में धान के भौतिक सत्यापन किये जाने पर कुल 12900 धान ही  उपलब्ध पाये गये। वहीं संग्रहण केन्द्र में 92987 नग बारदाने 79425.16 क्विंटल धान कम पाया गया।    इसी क्रम में स्टॉक पंजी एवं ऑनलाईन रिर्पोट का परीक्षण किया गया जिसमें 62251 बोरे वजन 24718.74 क्विंटल धान की अधिक एंट्री ऑनलाईन किया जाना पाया गया। संग्रहण केन्द्र में कम पाये गये धान एवं बारदाने का अनुमानित मूल्य 26750375 रूपये की क्षति शासन को हुई है। जिसके लिए तत्कालिन जिला विपणन अधिकारी बुधमान सिंह टेकाम, संग्रहण केन्द्र प्रभारी अर्पण तिर्की तथा अन्य सहायक जिम्मेदार हैं। इसी प्रकार जयनगर केंद्र का निरीक्षण सहायक खाद्य अधिकारी संदीप कुमार भगत, सहकारी निरीक्षक एन. पी. बर्मन, खाद्य निरीक्षक नीतिश कुमार, शाखा प्रबन्धक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक बिश्रामपुर आर. के. खरे द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। जांच में पाया गया कि खरीफ वर्ष 2020-21 में कुल 851 किसानों से 46146 क्विंटल धान की खरीदी समिति जयनगर द्वारा की गई। जिसमें 42813.37 क्विंटल धान का परिदान किया गया। जांच में ऑनलाईन रिर्पोट अनुसार 8046 बोरे 3350.63 क्विंटल धान शेष प्रदर्शित है। उपार्जन केन्द्र के भौतिक सत्यापन के पश्चात 3114.83 क्वि. 7459 बोरे धान कम पाये गये। जिससे शासन को अनुमानित राशि 6112624.08 रूपये की क्षति हुई है। उक्त अनियमितता के लिए श्यामलाल प्रजापति समिति प्रबंधक, अरविंद सिंह समिति अध्यक्ष तथा कमल कुमार सिंह कम्प्यूटर ऑपरेटर के विरूद्ध धान उपार्जन नीति 2020-21 के कंडिका का उल्लघंन है। इस संबंध में उपरोक्त सभी को कलेक्टर की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया साथ ही इनके विरुद्ध संबंधित पुलिस थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की अनुशंसा की गई है। 

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