अन्य मरीजों की मिलेगी सुविधाएं, अस्पताल में हो जाएगा कुल ५० बेड का आईसीयू


अंबिकापुर. अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सीएसआर मद से २० बेड का और आईसीयू वार्ड बनाया जा रहा है। इसके लिए नगर निगम अंबिकापुर द्वारा वार्ड का काम शुरू करा दिया गया है। वहीं एसईसीएल द्वारा सीएसआर मद से ढ़ाई करोड़ की लागत से २० आईसीयू के लिए उपकरण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कुल ५० बेड का आईसीयू हो जाएगा। कोविड मरीजों के लिए ३० बेड का आईसीयू पहले से उपलब्ध है।
वर्ष २०२० में कोरोना से बचाव के लिए १०० बेड का कोविड वार्ड तैयार कराया गया था। वहीं इस वर्ष कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा होने के कारण ७० बेड और बढ़ाया गया है। वहीं पूर्व में सर्जिकल व मेडिकल के लिए तैयार किए गए आईसीयू को कोरोना के लिए उपयुक्त किया जाना शुरू कर दिया। कोविड मरीजों के लिए आईसीयू व वेंटिलेटर तो उपलब्ध हो गए पर अन्य मरीजों के लिए एसएनसीयू में आईसीयू की व्यवस्था की गई थी पर प्रयाप्त सुविधा नहीं मिल पा रही थी। इसे ध्यान में रखते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन ने २० बेड अन्य मरीजों के लिए आईसीयू की मांग की गई थी। एसईसीएल द्वारा सीएसआर मद से २० बेड के लिए आईसीयू का उपकरण उपलब्ध कराया जा रहा है। आईसीयू वार्ड बनाने के लिए नगर निगम द्वारा काम भी शुरू करा दिया गया है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब तक जितने भी आईसीयू है वह सेंट्रलाइज ऑक्सिजन से जुड़ा हुआ है। पुराने मेडिकल वार्ड में बनाए जा रहे २० बेड का आईसीयू को भी सेंट्र्रलाइज ऑक्सिन से जोड़ा जाएगा। वहीं १०० बेड का जेनरल वार्ड में ऑक्सिजनयुक्त रहेगा। इससे मरीजों को ऑक्सिन की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

स्वास्थ्य मंत्री व कलेक्टर की भूमिका महत्वपूर्ण
मेडिकल कॉलेज अस्पताल अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने बताया कि आईसीयू के लिए स्वास्थ्य मंत्री व कलेक्टर की भूमिका महत्वपूर्ण है। २० बेड के आईसीयू के अलावा १०० बेड जनरल वार्ड भी बनाया जा रहा है। सीएसआर मद से एसईसीएल द्वारा मल्टीपैरा मॉनिटर ५०, कंट्रोल पैनल, सेनसर व ३ वेंटिलेटर की खरीदी की जाएगी। जबकि इससे पूर्व मेडिकल कॉलेज अस्पताल में २० वेंटिलेटर पहले से उपलब्ध है। वहीं १५ वेंटिलेटर आपातकालीन मद से खरीदा जाएगा।

पुराना भवन पूरी तरह से कोरोना मरीजों के लिए
कोरोना महामारी के कारण अस्पताल अब पूरी तरह दो हिस्सों में बंट गया है। मेडिकल कॉलेज का पुराना भवन कोविड वार्ड के लिए पूरी तरह सुरक्षित हो गया है। शेष वार्ड एमएसीएच व नकिपुरिया वार्ड में संचालित है। वहीं पुराने आईसीयू के नीचे ही २० बेड का और नया आईसीयू बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही मरीजों के लिए २० बेड का और आईसीयू तैयार हो जाएगा।

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