घर बैठे कार्यों का मूल्यांकन कर रहे लापरवाह उप अभियंता को स्थानांतरित करने कलेक्टर कोरिया व क्षेत्रीय विधायक पत्र प्रेषित

मनेंद्रगढ़ (शुद्धूलाल वर्मा) ! जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ में बीते दिवस सामान्य सभा का बैठक संपन्न हुआ।सामान्य सभा के इस बैठक में जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ क्षेत्रान्तर्गत समस्त अनुविभाग प्रमुखों को विशेष रूप से बुलाया गया था। बैठक के दौरान जब सिंचाई विभाग का समीक्षा किया जा रहा था उस वक्त सामान्य सभा का माहौल हंगामेदार हो गया।विदित हो कि रबी फसलों की बुआई का समय निकल चुका है ।मुख्यतः क्षेत्र के किसान गेहूं की फसल के लिए नहरों पर ही निर्भर रहते हैं।परंतु वर्तमान में नहरों की स्थिति अत्यंत दयनीय है। विडम्बना है कि,रबी फसलों के लिए सिंचाई का रकबा घटकर लगभग 25 प्रतिशत ही रह गया है।जबकि विभाग प्रमुख 50 प्रतिशत सिंचाई रकबा होने का दावा कर रहे थे।इसी बात को लेकर जनपद अध्यक्ष डॉ विनय शंकर सिंह, जनपद सदस्य और सभापति मकसूद आलम, जनपद सदस्य और सभापति रोशन सिंह एक स्वर में विरोध कर वस्तुस्थिति की सही जानकारी सदन पर रखने की निर्देशित किये,साथ ही नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि, वास्तविकता से कोसों दूर एवं धरातल से परे कागजी जानकारी मत लाइये। उल्लेखनीय है कि, युवा जनपद पंचायत अध्यक्ष डॉ विनय शंकर सिंह पूरी तैयारी के साथ आये थे,जिन्होनें बकायदा सिंचित एवं असिंचित रकबा की गिरदावली के सम्पूर्ण जानकारीयुक्त फाईल लेकर उक्त बैठक ले रहे थे।सभी डायवर्सन जिसमें कि खटम्बर, खरला, केवटी, पसौरी, बीहीनाला, घाघरा, मुडधोवा,गुडरु शामिल हैं । विभाग के लापरवाही के कारण मुडधोवा नहर पुल अधर में लटका हुआ है।जिसके कारण सैकडों किसान के पेट में सीधे-सीधे विभाग का हथौडा पडा है।अभी वर्तमान स्थिति में जंगल का बडा पत्थर का चट्टा लगा हुआ मात्र गड्ढा भर खोदकर छोड़ दिया गया है। गौरतलब हो कि,अनुविभाग मनेंद्रगढ़ के प्रमुख वर्तमान में बैकुंठपुर अनुविभाग का भी कार्यभार संभाल रहे हैं ऐसे में मनेंद्रगढ़ में यदाकदा ही दर्शन देते हैं ।मनेंद्रगढ़ अनुविभाग में दो उपअभियंता पदस्थ हैं।जिसमें से एक उपअभियंता कार्यालय में ही बैठकर निर्माण कार्यों की मूल्यांकन करने में माहिर पाये जाते हैं।इस बात को सामान्य सभा के बैठक में अनुविभाग प्रमुख ने सभी जनपद सदस्यों के समक्ष स्वीकार भी किया, हैरत की बात है कि, जो अधिकारी कार्यालय से बाहर कभी नही निकलते हैं, और न ही कार्यस्थल में कभी मुवायना अथवा निरीक्षण करते हैं,वही अधिकारी कार्यालय में बैठ, निर्माण कार्यों का मूल्यांकन उनके द्वारा कर दिया जाता है।ऐसे में स्पष्ट है कि, निर्माण कार्यों का वास्तविक स्थिति क्या होता होगा?तो वहीं किसानों के सिचाई की कमी के दर्द को सुनने वाला कोई नहीं होता है? उल्लेखनीय है कि,जनपद अध्यक्ष इस बात को लेकर इस कदर नाराज हो गए कि सामान्य सभा के बैठक में ही सभी जनपद सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर से ऐसे निष्क्रिय उपअभियंता को मनेंद्रगढ़ अनुविभाग से अन्यत्र स्थानांतरित करने के लिए कोरिया कलेक्टर और क्षेत्रीय विधायक को पत्र प्रेषित कर अपनी मांग रखे।अब देखना यह है कि वाकई में कार्यवाही होगी या फिर वही संरक्षण में जनता के पैसों को लूटने वाले अधिकारी, कुंडली जमाये बैठे रहेंगे और जनता अपने नसीब पर रोते रहेगी। जनता के पैसे का किस तरह से दुरुपयोग हो रहा है इसको आप रोझी नहर निर्माण से समझ सकते है जंहा 500 मीटर नहर निर्माण के लिए लगभग 19 लाख 87 हजार की स्वीकृति हुई थी, जिसमें से 250 मीटर नहर बनाकर 17लाख 57 हजार निकाल लिया गया और बाकी के 250 मीटर नहर अधूरा छोड़कर किसानों को अपने हाल पर आँसू बहाने के लिए छोड़ दिया गया है।तो वहीं बिहिनाला डायवर्सन तो आपको याद ही होगा जिसमें क्षेत्रीय विधायक गुलाब कमरो विधानसभा में भी प्रश्न उठाये थे,कि करोड़ों की राशि लगाकर बिहिनाला डायवर्सन से आज पर्यंत एक लोटा पानी तक किसानों को नही नसीब हो सक रहा है तो सिंचाई तो दिवास्वप्न स्वरूप है। विदित हो कि जल संसाधन विभाग तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अभियंता विनोद शंकर साहू को खांडा जलाशय के टूटने और भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किया जा चुका है और कल ही उनके ऊपर 1 करोड़ 3 लाख का हर्जाना लगाया गया है।कोरिया जिला में जल संसाधन विभाग जनता के पैसों को दिनदहाड़े लूटने वाला विभाग बन गया है जिसको किसानों के तकलीफों से कोई वास्ता नहीं है।

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