00 स्कूल के सामने से सब्जी ठेला, गुमटी जैसे अतिक्रमण हटाने का आग्रह
0 अब तक नहीं हो सकी है कार्रवाई 


*चंचलेश श्रीवास्तव*


सूरजपुर। जिले में अफसरों के बदलते ही नियम भी बदल जाते है…! कुछ तो ऐसे नियम है जिनके बदल जाने से लोगो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसा ही एक नियम कन्या शाला के सामने स्थित दुकानों को लेकर है सीएसपी डीके सिंह के उस कार्यकाल में लागू हुए थे जब वे कोतवाल टीआई थे। नियमो में यह था कि छात्राओं की असुविधा, जाम व असमाजिक तत्वों के जमावड़े को देखते हुए वहां ठेला,सब्जी बाजार को अन्यत्र कर दिया गया था।

लेकिन उनके जाते ही तमाम तुर्रम खां अफसर आये और चले गए पर इस समस्या पर किसी की नजर नही है। हो यह रहा है कि स्कूलों के सामने अवैध रूप से लगाये जा रहे इन दुकानों से स्कूल के समय में जहां सड़क पूरी तरह जाम हो जा रहीं है वहीं दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है। भीड़ में छींटाकशी भी हो रही है पुलिस व नगरीय प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। उन्हें शिकायत या गम्भीर हादसे का इंतजार है। जब सांप निकल जाए लकीर पीटने के अंदाज में अपनी सक्रियता बताएं।दिलचस्प यह है  कोतवाली के सामने मौजूद यह केवल अब कन्या शाला ही नही है बल्कि सरकार का रोड मॉडल स्कूल आत्मानन्द विद्यालली भी यहीं से संचालित है।बावजूद इसके न किसी जनप्रतिनिधि को चिंता है न अफसर को…?

फिलहाल इस पर आत्मानन्द स्कूल के प्राचार्य ने चिंता व्यक्त करते हुए 13 जुलाई को सीएमओ को एक पत्र लिखा है जिसमे दिक्कतों की ओर ध्यानाकर्षण करते तत्काल यहां से दुकानों को हटाने की कार्रवाई करने का आग्रह किया है।  सीएमओ को स्कूल प्रबंधन ने पत्र में लिखा है कि स्कूल परिसर के आसपास ठेला, गुमटी, चाट ,सब्जी बाजार आदि के कारण भीड़ लगा रहता है जहाँ कई तरह के लोग जमा रहते है।छुट्टी के समय जाम की स्थिति बनती है और इससे छात्राओं को असुविधाजनक रहता है।इस स्कूल में करीब 650 विद्यार्थी अध्ययनरत है।इसे देखते हुए यहां से अतिक्रमण हटाना बेहद जरूरी है जिससे कोई हादसा न हो। परंतु उस पत्र को लिखे 14 दिन बीत गए है परंतू इतने दिन बीत जाने के बाद भी अब तक सीएमओ के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे परेशानी ज्यो की त्यों बनी हुई है। छात्राओं के साथ स्कूल प्रबंधन परेशान है।

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