गंजी-चड्डा में बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचे लोगों को नहीं मिले कर्मचारी

अंबिकापुर। भीषण गर्मी के बीच रोजाना विद्युत आपूर्ति में व्यवधान की स्थिति बन रही है, जिससे लोगों की दिनचर्या पर प्रभाव पड़ रहा है। आए दिन तकनीकी खराबियों के कारण ब्लैक आउट जैसी स्थिति ने लोगों को बेहाल कर दिया है। बुधवार की रात भी कुछ ऐसी ही स्थिति बनी, बाद में पता चला कि, कोरबा से 33 केवीए लाइन में आई तकनीकी खराबीके कारण सिर्फ अंबिकापुर नहीं, बल्कि सरगुजा संभाग के सभी जिलों में बिजली गोल है। करीब डेढ़ घंटे के बाद खराबी ठीक होने पर विद्युत आपूर्ति बहाल हुई लेकिन शहर के कई इलाकों में रातभर बिजली की आंख-मिचौली ने लोगों को परेशान कर दिया। इसके बाद रात में ही कोई गंजी में तो कोई चड्डा, लोवर पहने बिजली कार्यालय पहुंच गया, लेकिन यहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं थे, जो उनकी पीड़ा का समाधान कर सके।

बता दें कि, गर्मी के शुरूआत पूर्व से ही हर वर्ष बिजली विभाग की टीम मेंटनेंस का ताना-बाना बुनने लगती है, और खानापूर्ति का दौर चलता है। इधर गर्मी के मौसम में बिजली की खपत काफी अधिक बढने से सब स्टेशनों पर दबाव बढ़ जाता है, जिस कारण कई बार बिजली का भार कम करने के लिए विद्युत आपूर्ति ही बंद कर दिया जाता है। इसी क्रम में बुधवार की रात करीब 10 बजे कोरबा स्थित बांगो बांध से होने वाली विद्युत आपूर्ति के मुख्य स्टेशन पर कुछ तकनीकी खराबी आ गई, जिस पर घरों का वोल्टेज धीरे-धीरे मद्धिम होते बंद हो गया। शुरू में तो इसे सामान्य विद्युत कटौती या तकनीकी अवरोध लोगों ने समझा, बाद में पता चला कि कोरबा से आने वाले 33 केवीए के लाइन में खराबी आई है, जिस कारण पूरे सरगुजा संभाग में बिजली आपूर्ति ठप्प है। हालांकि शहर के कई इलाके में रोजाना बिजली की असमय कटौती से लोग परेशान हैं और आए दिन देर रात तक विभागीय अमले को खरी-खोटी सुनाने बिजली विभाग के दफ्तर पहुंच जाते हैं। बुधवार को कोरबा से आने वाले लाइन में आई खराबी से अधिकांश उपभोक्ता अनभिज्ञ थे, ऐसे में वे मन की भड़ास निकालने के लिए सीधे मायापुर स्थित विद्युत विभाग के पूर्वी जोन कार्यालय में पहुंच गए, लेकिन यहां पर कोई कर्मचारी उनकी शिकायत सुनने के लिए मौजूद नहीं था। गनीमत रही कि, करीब एक घंटे के ब्लैक आउट के बाद रात में 11 बजे के करीब विद्युत व्यवस्था बहाल हुई। लाइट आने के बाद लोग वापस अपने घरों की ओर लौटने लगे, परन्तु रात में बिजली की अनवरत आंख-मिचौली जारी रही। मायापुर क्षेत्र के ही बौरीपारा के कुछ हिस्सों में दुबारा लाइट कटने के बाद रात को 1.30 बजे विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाई। ऐसे हालातों के बीच विद्युत उपभोक्ताओं का कहना था कि, रात होते ही बिजली की समस्या और भी बढ़ जाती है। जहां एक ओर गर्मी बढ़ते जा रही है, वहीं विद्युत व्यवस्था ध्वस्त होती जा रही है। अगर यही हाल रहा तो आक्रोश और बढ़ सकता है।

देर रात तक करते रहे इंतजार, नहीं पहुंचे कर्मचारी

शहर के नमना कला खटिकपारा निवासियों में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश है। इलाके में बिजली गुल होने के बाद मोहल्ले के लोग देर रात तक ट्रांसफार्मर के पास रात करीब 2 बजे तक खड़े रहे कि अब अधिकारी और कर्मचारी पहुंचेंगे, और बिजली व्यवस्था दुरूस्त होगी, लेकिन काफी देर तक कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। गर्मी, अंधेरे के बीच छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं परेशान रहे। बिजली विभाग को कई बार सूचना देने के बाद भी सुधार कार्य में लापरवाही बरतने का लोगों ने आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री के पास है ऊर्जा विभाग का दारोमदार

बिजली उपभोक्ताओं ने कहा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के पास ही उर्जा विभाग है। आम लोगों से सीधे जुड़े संसाधन को दुरूस्त रखने की पूरी जिम्मेदारी भी सरकार की है, पर अब यहां अव्यवस्था हावी होते जा रही है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इधर विद्युत नियामक आयोग एक बार फिर से विद्युत की दरों में वृद्धि के लिए सुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर चुका है, उपभोक्ताओं पर कुछ ही समय में फिर से विद्युत दरों में बढ़ोत्तरी थोपना तय है। विद्युत दरों में बढ़ोत्तरी और दूसरी तरफ ब्लैक आउट का दंश समझ से परे है।

बिजली की आंख-मिचौली से गोधनपुर वासी बेहाल

शहर के गोधनपुर क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था बेहद खराब है। यहां आए दिन बिजली कटना आम बात है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह तो विद्युत व्यवस्था को वे कोसते ही हैं, रात होते ही रोजाना लाइट गोल होना आम बात है। पूरे शहर में ब्लैक आउट के बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हुई तो कुछ ही देर में यहां पुन: लाइट गुल हो गई। इसके बाद देर रात तक बिजली की आंख-मिचौली के बीच लोग कभी घर से बाहर तो कभी घर के छत पर टहलते नजर आए। लाइट आई भी तो कभी लो तो कभी हाई वोल्टेज की समस्या शुरू हो गई। कभी बल्ब मद्धम जलता तो कभी काफी तेज जलने लगता। पंखों की गति भी इसी पर टिकी थी, जिससे हवा मिल पाना मुश्किल था। कूलर मृतप्राय हो गए थे। ऐसे में लोगों को इलेक्ट्रानिक सामानों के खराब होने का भय भी सता रहा था। पूरी रात गर्मी का दंश झेलते लोगों को गुरूवार को सुबह 10 बजे के बाद राहत मिली।

कांग्रेस का महामाया चौक पर चक्काजाम आज

शहर में अघोषित बिजली कटौती, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं निगम के सड़कों की जर्जर स्थिति, बंद स्ट्रीट लाइट, चौपट सफाई व्यवस्था, नालों की सफाई, बरसात पूर्व रख-रखाव जैसे जनहित के मुद्दों को लेकर कांग्रेस पार्टी 22 मई को महामाया चौक पर चक्काजाम करेगी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि, 18 मई को निगम में नेता प्रतिपक्ष श$फी अहमद ने इन ज्वलंत मुद्दों के निराकरण के लिए सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन दिया था, किंतु इन समस्याओं के निराकरण की दिशा में अबतक कोई सकारात्मक पहल नहीं दिखी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि कथित ट्रिपल इंजन की सरकार में स्थिति प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही है। ऐसे में नागरिक हितों के लिए कांग्रेस अपनी जवाबदेही से पृथक नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि महामाया चौक पर शाम 4 बजे से शुरू चक्काजाम तब तक जारी रहेगा, जब तक संबंधित विभाग के अधिकारी चक्काजाम स्थल पर उपस्थित होकर आमजन और मीडिया की मौजूदगी में निर्धारित समयसीमा में स्थित सुधार करने का लिखित आश्वासन नहीं देंगे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने अंबिकापुर शहर के सभी प्रबुद्धजनों, व्यवसायियों, मीडिया संस्थानों, आम नागरिकों, जन सरोकार से जुड़े सभी संगठनों से शहर के नागरिकों के हित में आंदोलन स्थल पर आने का आह्वान किया है।

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