मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा-राज्य स्तर पर पहल करके बीच का रास्ता निकाला जाएगा

अंबिकापुर। डामर एवं इमलशन के दाम ढाई से तीन गुना तक बढ़ गए हैं, इसका असर सड़क निर्माण के कार्यों पर भी पड़ रहा है। अंबिकापुर नगर निगम सहित लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई के ठेकेदारों ने डामर व इमलशन की कीमतें बढ़ने के बाद काम करने से हाथ खड़ा कर दिया है। ठेकेदार नोटिस के बाद भी काम करने के लिए तैयार नहीं हैं। मामले में मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि, समस्या का हल निकालने के लिए राज्य स्तर पर पहल की जाएगी, बीच का रास्ता निकाला जाएगा।

बता दें कि, ईरान युद्ध का असर अब निर्माण कार्यों पर भी दिखने लगा है। अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र सहित पीडब्लूडी एवं पीएमजीएसवाई सहित अन्य विभागों में डामरीकरण का काम ठेकेदारों ने रोक दिया है। नगर निगम क्षेत्र में 4 करोड़ रुपये से अधिक के डामरीकरण के कार्यों का टेंडर व वर्कआर्डर होने के बाद भी ठेकेदार काम शुरू करने को तैयार नहीं हैं। निगम ने इसके लिए ठेकेदारों को नोटिस भी जारी किया है।

निगम सहित अन्य विभागों का डामरीकरण कार्य बारिश में नहीं हो पाएगा, इसे लेकर निगम सहित निर्माण एजेंसियां चिंतित है। नगर निगम अंबिकापुर के लोक निर्माण विभाग प्रभारी मनीष सिंह ने बताया कि, शहर में 4 करोड़ रुपये से अधिक का डामरीकरण कार्य रूका हुआ है। इनमें कई महत्वपूर्ण सड़कें भी शामिल हैं। ठेकेदारों से बात की गई है। वे डामर की बढ़ी कीमतों के कारण परेशान हैं। उन्होंने बताया कि शहर में नगर उत्थान मद से 22 करोड़ के कार्यों का टेंडर लगने वाला है। इसमें भी डामरों की बढ़ी कीमतों का प्रभाव पड़ेगा और ठेकेदार बढ़ी कीमतों के आधार पर अपना रेट डालेंगे।

इसलिए ठेकेदारों ने काम से बनाई दूरी

ठेकेदार संघ के अध्यक्ष दीपक मिश्रा ने कहा कि ठेकेदार काम करने को तैयार नहीं हैं। युद्ध के पहले डामर 40 से 42 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा था। अब डामर की कीमतें 110 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं, अर्थात पहले एक टन डामर 40 हजार रुपये का मिलता था, जो अब एक लाख 10 हजार रुपये में मिलेगा। इमलशन के दाम भी करीब तीन गुना तक बढ़ गये हैं। ठेकेदार डामर का दाम घटने के इंतजार में काम में हाथ नहीं लगा रहे हैं। निगम की महापौर मंजूषा भगत का भी बयान आया था कि एनएच के अधिकारी व ठेकेदार काम नहीं करते हैं। डामर का रेट बढ़ा, लेकिन एग्रीमेंट में भाव यथावत रहने से ठेकेदार काम से दूरी बनाकर रखे हैं।

बारिश के पहले बात बनने की उम्मीद

छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री और अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल ने कहा है कि राज्य सरकार एवं ठेकेदारों के बीच कुछ कोशिश चल रही है। केंद्र सरकार ने भी कुछ रियायत देने की पहल की है। बारिश के पहले बात बनने की उम्मीद है। मुख्य रूप से डामरीकृत सड़कों का काम ही ज्यादा प्रभावित हो रहा है, बाकी काम चल रहे हैं।

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