0  स्वास्थ्य सुविधा के लिए खाट का सहारा लेने को मजबूर इमलीपारा, बहेराडाड के ग्रामीण
0 बरसात के समय मे नरकीय जीवन जीने को विवश जिले के आनंदपुर पंचायत के पंडो जनजाति के लोग

सुरजपुर। देश जहां आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। वहीं जिले के दूरस्थ क्षेत्र बिहारपुर के कई गांव आजादी के इतने लंबे अंतराल के बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। इन गांवों का हाल यह है कि अन्य सुविधाओ की बात तो दूर यहां  लोगो को चलने के लिए सड़क तक नसीब नहीं है। वर्षो से इन सुविधाओ से जूझ रहे ग्रामीणों की समस्या के निदान की दिशा में कोई सार्थक पहल हुई हो यह इन गांवों के हालातों को देखकर प्रतीत नहीं होता। अगर गांवों की दशा व ग्रामीणों की समस्याओं  पर जरा सा भी ध्यान दिया गया होता तो आधुनिकता के इस दौर में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए खाट का सहारा लेकर स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं पहुंचना पड़ता।  आपको बता दें कि  जिले के ओड़गी जनपद पंचायत के सुदूर दूरस्थ गांव आनंदपुर के इमलीपारा व बहेराडाड़ में लगभग बच्चों समेत राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पंडो जनजाति के लगभग 350 लोग निवास करते हैं ‌। जहां पर पहुंच मार्ग से लगभग 4 किलोमीटर पंगडंडी रास्ता है। यहां जब भी कोई पंडो जनजाति बीमार या किसी प्रकार की परेशानियों में पड़ता है उसे खाट पर ढोकर कर पहुंच मार्ग तक लाते हैं।गांव के इन दोनों मोहल्लों में सड़क की सुविधा नहीं होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती है। जिसके कारण बीमार होने पर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं  से वंचित रहना पड़ता है। चुनाव के समय यहां हिचकोले खाकर पहुंचने वाले नेता उस समय तो गांव में तमाम तरह की सुविधा मुहैया कराने का आश्वासन देते है और काम निकलने के बाद यहां झांकना तक उचित नहीं समझते है। यहां के ग्रामीणों का कहना है कि सत्ता की चकाचौंध में हम भोले-भाले राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पंडो आदिवासियों को भुला दिया गया है।


0 मरीजो को बरसात में खाट पर ढोकर ले जाना मजबूरी
शुक्रवार को आनंदपुर के इमलीपारा की महिला सोनकुवंर पंडो पति बृजलाल पंडो उम्र लगभग 30 को  घर पर सर्प ने डस लिया था। जिससे महिला बेहोश हो गई थी उसे बेहोशी हालत में खाट पर परिजन ढोकर लगभग तीन किलोमीटर चलकर पहुंच मार्ग पर लाया गया फिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओड़गी ले जाया गया तब कहीं जाकर महिला की जान बची । इस पारा में बरसात के दिनों में अक्सर इस तरह का नजारा देखने को मिलते रहता है। यह पंडो बहुमूल्य पारा बरसात के समय नर्क से भी बतर हो जाता है।इस पारा में लगभग 3 किलोमीटर का रास्ता पंगड़़ड़ी है यहां कभी सड़क का निर्माण हुआ ही नहीं है। गांव के सरपंच दिलीप पंडो ने बताया कि इस समस्या को आम ग्राम सभा व जन समस्या शिविर में निराकरण के लिए प्रस्ताव के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है परन्तु अभी तक इस दिशा में कोई पहल नहीं हो सकी है।

0 समस्या का समाधान नहीं हुआ तो करेंगे उग्र प्रदर्शन

ग्राम पंचायत आनंदपुर के इमलीपारा व बहेराडाड़ के पंडो जनजाति के बसंत लाल पंडो, गोपाल पंडो, बृजलाल पंडो, पवन पंडो, बहसलाल पंडो सहित अन्य समस्या ग्रसित ग्रामीणों का  कहना है कि  यहां की मूलभूत समस्या पुल , बिजली, सड़क,पानी आदि का समाधान अगर प्रशासन के द्वारा जल्द नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। 

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