रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- कोरोना वायरस के संक्रमण से आर्थिक एवं सामाजिक जीवन पर जिस तरह प्रभाव पड़ा है, उसी तरह शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने से प्राथमिक से उच्च स्तर की शैक्षणिक व्यवस्था में पठन-पाठन 5 माह से ठप है। इसकी वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में छत्तीसगढ़ शासन की अनूठा पहल के तहत “पढ़ई तूहर दुआर” ऑनलाइन शिक्षा कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसमें सफलता भी मिल रहा है, परंतु गरीब परिवार जिनके पास उपयुक्त मोबाइल नही है एवं ग्रामीण अंचल जहाँ मोबाइल नेटवर्क की समस्या में अध्ययनरत उन विद्यार्थियों के लिए अध्ययन में कठिनाई को देखते हुए ऑनलाइन से वंचित अंतिम बच्चा को लाभ मिल सके उसी क्रम में विकासखंड रामचंद्रपुर संकुल रामानुजगंज के संकुल समन्वयक प्रदीप कुमार चोबे ने शासन की योजनानुसार अपने संकुल के सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में पढ़ई तुहर पारा को सफल बनाने हेतु गांव के पारा-पारा में उपयुक्त स्थान का चिन्हांकन कराते हुए शिक्षकों ने कोविड-19 के दिशा निर्देश का पालन करते हुए पढ़ाई प्रारंभ कर दिए हैं साथ ही साथ “हेलो गुरुजी” नामक कार्यक्रम भी चालू किया गया है इसमें बच्चे अपने शंका समाधान हेतु शिक्षकों को फोन कॉल कर सकेंगे जिससे शिक्षकों द्वारा उनका शंका समाधान फोन के माध्यम से किया जाएगा पहले ऑनलाइन क्लास “पढ़ाई तूहर दुआर” अब “पढ़ई तुंहर पारा” एवं “हेलो गुरुजी” ये तीनों तरह की शिक्षण व्यवस्था का लाभ विद्यार्थी ले रहे हैं जिससे पालको एवं बच्चों में उत्साह देखने को मिल रहा है।

Categorized in: