सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज व गुम इंसान खंगालने के बाद पुलिस पहुंची अपराधियों तक
अंबिकापुर। शहर से लगे बधियांचुआं के गर्दनपाठ में बिना सिर-पैर के मिली अंग-भंग लाश की गुत्थी पुलिस नौ माह बाद सुलझाने में सफल हुई। हत्या की इस गुत्थी को सुलझाने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी क्योंकि लाश का न तो सिर मिला था न पैर। पुलिस ने इसके लिए सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगालने के अलावा गुम इंसान के बारे में पता किया। इसी बीच शहर के एक ऑटो रिक्शा चालक के गायब होने की सूचना मिली, जिसकी गुमशुदगी भी दर्ज नहीं कराई गई थी। ऑटो चालक की बेटी के डीएनए से शव के डीएनए का मिलान होने के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि शव ऑटो चालक का ही है। पुलिस ने उसकी पत्नी व संदेही प्रेमी से कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होंने हत्या की बात स्वीकार कर ली। मृत ऑटो चालक की पत्नी का एक साल से आरोपित प्रेमी से अवैध संबंध था। इसका पता ऑटो चालक को चल गया था। इसी कारण उसकी हत्या की गई। हत्या की गुत्थी सुलझाने में सफल पुलिस की टीम को पुलिस अधीक्षक ने पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस अधीक्षक अमित तुकाराम काम्बले ने पुलिस कोआर्डिनेशन सेंटर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि सदर कोतवाली अंतर्गत बधियाचुआं निवासी पूर्व सरपंच विश्राम कुजूर ने 21 जून 2021 को पुलिस को सूचना दी कि 20 जून को गांव के लोग तालाब में मछली बहने से रोकने जाल बांधने गए थे। यहां झाडिय़ों में पड़ी जूट की दो बोरियों से बदबू आ रही है। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और बोरियों को खुलवाकर देखा तो कई टुकड़ों में लाश मिली थी। शव के सिर तथा घुटने से नीचे के पैर गायब थे। शव 20-25 दिन पुराना था। पुलिस के लिए अंधे कत्ल की यह गुत्थी सुलझाना काफी चुनौती भरी थी। इसके लिए पुलिस के आला अधिकारी से लेकर एफएसएल, डॉग स्क्वायड व साइबर की टीम लगी हुई थी। सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज व गुम इंसान खंगालने के अलावा अन्य सूत्रों से पता करने के बाद अंतत: नौ महीने बाद पुलिस को हत्या की गुत्थी सुलझाने में सफलता मिली। अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में सदर कोतवाली के निरीक्षक राहुल तिवारी, उप निरीक्षक डाकेश्वर सिंह, प्रमोद पांडेय, सहायक उपनिरीक्षक भूपेश सिंह, अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, बालमुकुंद सिंह, आरक्षक जयदीप सिंह, विकास सिंह, राकेश शर्मा, राहुल सिंह, संदीप चौबे, कुंदन सिंह, लाल भुवन सिंह, शिव राजवाड़े की सक्रिय भूमिका रही।
शहर का ऑटो चालक था गायब-
सरगुजा आईजी अजय यादव, एसपी अमित तुकाराम कांबले द्वारा अपने मार्ग दर्शन, एएसपी विवेक शुक्ला के निर्देशन तथा एसडीओपी अखिलेश कौशिक के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी। पुलिस अधीक्षक द्वारा शव की शिनाख्ती के लिए एक पोस्टर जारी किया गया, जिसे शहर के प्रमुख स्थानों, संभाग के सभी जिलों व दीगर राज्य जाने वाले बसों, टैक्सी, बाजार, हॉट, रेल्वे स्टेशन व सरहदी इलाकों के महत्वपूर्ण चौक चौराहों पर चस्पा किया गया। साथ ही सोशल मीडिया के द्वारा भी अज्ञात शव की पता तलास हेतु अभियान चलाया गया। इसी दौरान विशेष टीम को यह पता चला कि जनपद पारा अम्बिकापुर का रहने वाला व्यक्ति राजेश जायसवाल पिछले 3-4 महीनों से गायब है तथा उसके संबंध में कोई गुमशुदगी रिपोर्ट भी दर्ज नहीं है। राजेश जायसवाल की बहन ललीता जायसवाल पति देवकांत दुबे 35 वर्ष निवासी चांदनी चौक से पुछताछ के बाद उसने अपने भाई राजेश जायसवाल पिता मनकु जायसवाल 32 वर्ष निवासी नवाडीह थाना चांदो, वर्तमान पता जनपदपारा अंबिकापुर के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई, वह ऑटो चलाता था।
हत्या का कारण अवैध संबंध-
गुम ऑटो चालक राजेश जायसवाल की शादी सुनीता जायसवाल से वर्ष 2007 में हुई थी। पति-पत्नी के बीच में अक्सर अनबन व विवाद होता रहता था। इस जानकारी को आधार बनाकर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो सफलता मिल गई। उक्त शव तथा राजेश जायसवाल के बेटी का डीएनए सैम्पल लेकर जांच हेतु एफएसएल रायपुर भेजा गया।
डीएनए रिपोर्ट आने तक संदेही सुनीता जायसवाल तथा बैजनाथ जायसवाल नामक युवक पर निगरानी रखी गई थी। डीएनए रिपोर्ट में शव राजेश जायसवाल का होना पाया गया। इसके बाद पुलिस ने संदेही बैजनाथ एवं सुनीता जायसवाल से पूछताछ की तो उन्होंने हत्या की बात स्वीकार किया।
पत्नी ने शव के टुकड़े करने में दिया साथ
सुनीता एवं बैजनाथ के बीच लगभग एक वर्ष से अवैध संबंध था। इसकी जानकारी राजेश को हो गई थी। इस कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। हत्या वाले दिन 31 मई 2021 की शाम राजेश तथा सुनीता के बीच राजेश के जनपदपारा स्थित किराए के मकान में ही विवाद हो रहा था। इसी दौरान बैजनाथ भी वहां पहुंचा। उसने राजेश के सिर पर लोहे के रॉड से वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने पत्नी व प्रेमी ने चाकू व टांगी का प्रयोग कर उसके शव के टुकड़े किए।
नदी में सिर, तालाब में पैर फेंका-
शव के टुकड़े करने के बाद गर्दन, हाथ-पैर, जांघ को काटकर अलग-अलग प्लास्टिक तथा जुट की बोरियों में भरकर धड़, जांघ तथा हाथ को गर्दन पाट में स्कूटी से ले जाकर फेंक दिया। जबकि पहचान छिपाने सिर तथा उसके पैर को शव के साथ न फंेक सिर को शंकरघाट नदी में तथा घुटने से नीचे पैर को बौरीबांध तालाब में फेंक दिया गया। आरोपी बैजनाथ तथा सुनीता के निशादेही पर पुलिस के द्वारा बौरीबांध तालाब से मृतक राजेश के घुटने के नीचे के दोनों पैर प्लास्टिक तथा बोरी मे बंधा हुआ बरामद किया गया। पुलिस द्वारा मृतक के सर का तलाश शंकरघाट स्थित नदी में की जा रही है। मामले में पुलिस ने आरोपी मृतक की पत्नी सुनीता जायसवाल जशपुर वर्तमान पता जनपदपारा तथा उसके प्रेमी बैजनाथ जायसवाल पिता रामचंद्र जायसवाल निवासी पुरानी टोली जयपुर वर्तमान पता मिशन चौक अंबिकापुर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड जेल भेज दिया।

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