अंबिकापुर। खुद को पुलिस वाला बताकर मोबाइल और रुपये की लूट करने वाले आरोपित को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेजा है। दया यादव पिता राजकुमार 27 वर्ष निवासी ग्राम डुमरखोला थाना पस्ता जिला बलरामपुर, हाल मुकाम शिकारी रोड बौरीपारा ने पुलिस को बताया था कि उसका मुंह बोला भांजा सुनील कुमार जो कमारी लोहराडांड थाना शंकरगढ़ में रहता है, अपने साथियों के साथ मोटरसाइकिल से घर जा रहा था, इस दौरान रनपुर हनुमान मंदिर के पास एक व्यक्ति स्वयं को पुलिस वाला बताकर सुनील व उसके साथियों को यह कहते हुए रोका कि तुम लोग बंगाली चौक में सिग्नल तोड़कर भागे हो। इनसे तीन हजार रुपये की मांग की गई। रुपये नहीं मिलने पर धमकाते हुये सुनील कुमार का मोबाइल फोन लूटकर अपने पास रख लिया व अपना मोबाइल नंबर देकर थाना गांधीनगर आने के लिए कहा। जब सुनील अपने साथियों के साथ थाना गांधीनगर गया तो यहां वह व्यक्ति नहीं मिला। पुलिस ने जांच में पाया कि सुनील कुमार से मोबाइल नंबर 93996 73943 का धारक स्वयं को पुलिस वाला बता मोबाइल लूटकर भाग गया था। रिपोर्ट पर कोतवाली अंबिकापुर में धारा 392 का मामला कायम कर पुलिस अधीक्षक सरगुजा व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के आदेश व नगर पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देश में मोबाइल लूट के आरोपित को तलाश किया जा रहा था। आरोपित द्वारा दिए गए गए मोबाइल नंबार के आधार पर पुलिस आरोपित साबिर अंसारी पिता बसीरूददीन अंसारी निवासी लमगांव को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने छह मार्च को हनुमान मंदिर के पास रनपुर में स्वयं को पुलिस वाला बताकर मोबाइल लूटकर भाग जाने, थाना दरिमा अंतर्गत ग्राम नवानगर में 09 मार्च को रविन्द्र एक्का को पुलिस वाला बताकर 15 हजार रुपये लूट करना बताया। पुलिस ने लूट की मोबाइल व घटना में प्रयुक्त सीम को जब्त किया है। दोनो मामले में अंबिकापुर और दरिमा थाने में धारा 392 का मामला दर्ज किया गया है। कार्रवाई में कोतवाली निरीक्षक राहुल तिवारी, निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, उप निरीक्षक, विद्या भूषण भारद्वाज, प्रधान आरक्षक अजय पांडेय, आरक्षक रूपेश महंत, शिव राजवाड़े, सायबर सेल के आरक्षक जितेश साहू का सक्रिय योगदान रहा।

Categorized in: