सायबर क्राइम के विरूद्ध चल रही सिलसिलेवार कार्रवाई में सरगुजा पुलिस को मिली बड़ी सफलता
ठगी की रकम और तीन मोबाइल फोन बरामद करने में पुलिस हुई सफल
अंबिकापुर। मकान किराए पर लेने के नाम पर आर्मी का फर्जी अधिकारी बन कर अंबिकापुर की महिला से दो लाख 43 हजार 484 रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को भरतपुर-राजस्थान से गिरफ्तार किया है। इनके पास ठगी की रकम व तीन नग मोबाइल बरामद करने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। महिला ने ओएलएक्स में मकान किराए में देने के लिए विज्ञापन दिया था। इसके बाद ठग खुद को आर्मी का नायब सूबेदार बता महिला के संपर्क में आए थे। इसकी जानकारी महिला ने कोतवाली पुलिस को दी थी, जिस पर पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव व पुलिस अधीक्षक सरगुजा भावना गुप्ता के निर्देशन में शहर में हो रही ऑनलाइन ठगी की घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु विशेष टीम गठित कर आरोपितों की पतासाजी के निर्देश थाना प्रभारी को दिए गए थे।
जानकारी के मुताबिक 22 अप्रैल 2022 को ईला शर्मा पिता नरेंद्र प्रसाद 48 साल निवासी दर्रीपारा अंबिाकपुर ने लिखित आवेदन पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराया था कि वह रेखांकन कॉलोनी में स्थित अपने फ्लैट को किराए में देने के लिए ओएलएक्स में विज्ञापन दी थी, जिस पर रणदीप सिंह नामक व्यक्ति अपने आप को आर्मी का नायब सूबेदार बताकर किराए में मकान लेने के लिए संपर्क किया और बातचीत के दौरान उसने मकान लेने हामी भर दी थी। उसने नेट बैंकिंग के माध्यम से किराए का पैसा अदा करने के लिए बैंक से संबंधित डिटेल मांगा, जिस पर महिला ने स्वयं का व अपने पिता के बैंक एकाउंट का डिटेल किराए का अग्रिम पैसा प्राप्त करने के लिए व्हाटसअप पर भेज दिया। इसके बाद महिला के बैंक खाते से 21 अप्रैल 2022 को एक लाख 45 हजार 905 रुपये व 22 अप्रैल 2022 को 97 हजार 579 रुपये एवं पिता के खाते से 4900 रुपये, कुल दो लाख 43 हजार 484 रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई। रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 420 भादवि एवं 66डी आइटी एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। पुलिस अधीक्षक सरगुजा भावना गुप्ता ने मामले को त्वरित संज्ञान लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा विवेक शुक्ला, नगर पुलिस अधीक्षक अखिलेश कौशिक के मार्गदर्शन में सायबर सेल व थाना अंबिकापुर की संयुक्त विशेष टीम को भरतपुर, राजस्थान के लिए रवाना किया। विशेष टीम से प्राप्त जानकारी एवं सायबर सेल के सहयोग से आरोपित आसिन पिता उमर मोहम्मद 23 वर्ष एवं रीजवान खान पिता सहसु उर्फ हंडल 26 वर्ष को भरतपुर राजस्थान से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि ओएलएक्स के माध्यम से 21 व 22 मई 2022 को मकान किराए पर लेने के नाम पर आर्मी का फर्जी अधिकारी बन उन्होंने अंबिकापुर की महिला से बातचीत कर दो लाख 43 हजार 484 रुपये की ऑनलाइन ठगी करना स्वीकार किया। कार्रवाई में निरीक्षक भारद्वाज सिंह, विजय प्रताप सिंह, प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक डॉ.प्रशांत देवांगन, उप निरीक्षक सरफराज फिरदौसी, उपनिरीक्षक प्रमोद पांडेय, प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र श्रीवास्तव, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, आरक्षक विकास मिश्रा, जितेंद्र साहू, लालदेव साय, एसके चौबे, एहसान फिरदौसी, साहबाज खान, कुंदन सिंह, शिव राजवाड़े, सुयश पैकरा शामिल थे।
दस्तावेज करते थे डाउनलोड-
पूछताछ के दौरान आरोपितों ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म से आर्मी, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी का वीडियो, फोटो एवं अन्य दस्तावेज डाउनलोड व एडिट कर फर्जीवाड़े में वे इसका इस्तेमाल करते थे ताकि पीडि़त को पूर्णत: अपने झांसे में लिया जा सके। आरोपितों से ठगी की रकम दो लाख 40 हजार रुपये एवं 3 नग मोबाइल बरामद कर इन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

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