अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री द्वितेंद्र मिश्र ने सीतापुर की घटना को राज्य सरकार के सुशासन की पोल खोलती हुई घटना करार दिया है। उन्होंने कहा है कि, विधायक रामकुमार टोप्पो एवं उनके समर्थकों तथा नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच हुई झड़प, मारपीट, आरोप-प्रत्यारोप, दोनों पक्षों के विरुद्ध पुलिस प्राथमिकी दर्ज किया जाना अपने आप में साबित करता है कि विष्णु देव साय के शासन में कहीं भी सुशासन नहीं चल रहा। सरकार, सुशासन तिहार का राग अलापते हुए जनता को धोखे में रखकर स्वयं भी मुगालते में है। विधायक एवं उनके समर्थकों द्वारा किया गया कृत्य अत्यंत निंदनीय है। राजस्व कार्यालयों की बेलगाम स्वेच्छाचारिता किसी से छिपी हुई नहीं है, जहां आम नागरिक चक्कर काटते-काटते दुखी रहते हैं, परेशान रहते हैं, लेकिन कुछ कर नहीं सकते, तब ऐसी परिस्थितियां निर्मित होती हैं। वैसे भी छत्तीसगढ़ की सरकार कौन चला रहा है, सरकार कैसे चल रही है, यह एक यक्ष प्रश्न बना हुआ है। मंत्रियों की चल नहीं रही, विधायकों की कोई सुन नहीं रहा, अधिकारी-कर्मचारी अलग अपना रोना रोते रहते हैं। इन सबके बीच आम नागरिक अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है, कि वह अपनी समस्या लेकर कहां जाए। सबसे बुरा हाल राजस्व विभाग का ही है, जहां पारदर्शिता है, ना कोई जवाबदेही है, ना ही समय की पाबंदी है। नायब तहसीलदार तुषार मानिक स्वयं कह रहे हैं कि, 2 दिन तबीयत ठीक नहीं होने की वजह से वे कार्यालय नहीं आए, तीसरे दिन उनका रीडर बिना बताए कार्यालय नहीं आया। दो दिन और उनका रीडर नहीं आया तो फिर सप्ताह खत्म। इस तरह हफ्तों, महीनों बीत जाते हैं। आम नागरिक इन अधिकारियों की मेहरबानियों पर आश्रित रहता है। दूसरा पक्ष विधायकजी का, जिन्हें क्रोधवश मारपीट पर उतारू होना पड़ गया। क्योंकि वे इतने कमजोर और असहाय हंै कि नायब तहसीलदार तक उनको कुछ नहीं समझ रहा है। कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ में सुशासन तो दूर सामान्य शासन भी नहीं चल रहा है। पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था बुरी तरह चरमरा चुकी है। विकास के नाम पर सिर्फ अखबारों में घोषणाएं हो रही हैं, महंगाई दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ती जा रही है। व्यापारियों से वसूली लठैतों की तरह हो रही है। किसानों, मजदूरों का बुरा हाल है। राशन दुकानों से राशन गायब है। बिजली, पानी, सड़क सब भगवान भरोसे है। आम नागरिकों का कहना है कि छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहली बार एक ऐसी सरकार चल रही है जिसे कौन चला रहा है, यह एक अनबुझी पहेली बनी हुई है। यही हाल रहा तो आम नागरिकों के साथ मिलकर कांग्रेस पार्टी शीघ्र अभियान चलाएगी। कहां है सरकार, किसे कहते हैं सुशासन, इसे खोजने निकलेंगे।

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