इधर करीब 7 बजे बजा अलर्ट का अलार्म, और सभी की निगाहें मोबाइल पर टिकी

अंबिकापुर। पिछले कई दिनों से बनी हीटवेव की स्थिति के बीच नौतपा के 5वें दिन सरगुजा संभाग सहित छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून का आगाज झमाझम बारिश के साथ हुआ, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। अंबिकापुर में शनिवार को सुबह होने के साथ लोगों ने मौसम का कुछ अलग ही नजारा देखा, जो बाद में निकली तेज धूप के बाद सामान्य हो गया।
शाम होते तक घुप्प अंधेरा की स्थिति बन गई और आकाशीय बिजली की लगातार हो रही गर्जना के बाद तेज हवाएं चलने लगी। देखते ही देखते झमाझम बारिश होने लगी, और तापमान में गिरावट का एहसास होने लगा। आईएमडी ने शुक्रवार को ही 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 8 जिलों में पूर्व में येलो अलर्ट जारी करके तेज हवा, आकाशीय बिजली की गरज-चमक और मूसलाधार बारिश का संकेत दिया था। सरगुजा संभाग में शनिवार को बारिश ने कहीं राहत दी, तो कई जगह पेड़ गिरने और बिजली गुल होने जैसी स्थिति बनी। बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन किसानों को चिंतित कर दिया है। मौसम वैज्ञानिक एएम भट्ट ने बताया कि मध्य भारत में आगामी 3 जून के दौरान छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ में गरज, बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से तेज हवाओं के साथ छिटपुट से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। 31 मई को विदर्भ में, पश्चिमी मध्य प्रदेश में और एक जून के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवाएं चल सकती हैं, और 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक के झोंके आ सकते हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी आगामी दो दिनों तक छिटपुट और भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश और विदर्भ सहित छत्तीसगढ़ में ओलावृष्टि की भी संभावना व्यक्त की गई है।

तापमान लुढ़का, अंबिकापुर में 25.4 मिमी बारिश
मौसम वैज्ञानिक एसके मंडल के अनुसार पिछले दो दिनों से मौसम में बदलाव आने के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। तीन से चार दिन पूर्व अधिकतम तापमान 42 से 43 डिग्री पहुंच गया था, लेकिन मौसम में बदलाव आने से शनिवार का तापमान गिरकर 36.4 डिग्री पहुंच गया है। वहीं अंबिकापुर में 25.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

एक घंटे की बारिश में शहर हुआ तर

एक घंटे हुई मूसलाधार बारिश से शहर पानी-पानी हो गया। वहीं बेमौसम बारिश ने नगर निगम की पोल खोलकर रख दी। कई सड़कों पर जलजमाव की स्थिति निर्मित हो गई। चौपाटी के पास सड़क पर पानी जमा होने से तालाब जैसी स्थिति बन गई, जबकि चौपाटी के सामने कुछ दिन पूर्व ही नाली का निर्माण कराया गया है। नाली ऊपर और सड़क नीचे होने से बारिश का पानी सड़क पर ही बह रहा है। नगर निगम के इंजीनियर व ठेकेदारों की बुद्धिमता के कारण ऐसी स्थिति निर्मित हुई है। सड़क पर पानी भरा रहने से यहां से गुजरने मेें लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ समय के लिए यातायात में बाधा की स्थिति भी बनी। एमजी रोड में पीजी कॉलेज के पास, पुराना बस स्टैंड सहित कई जगहों पर जल जमाव होने से सड़कमें चलना मुश्किल था।

एक्सटरनली सर्वर अलर्ट ने चौंकाया


शनिवार को हुई झमाझम बारिश के बाद एक साथ सभी के मोबाइल फोन में शाम लगभग 7 बजे ‘एक्सटरनली सर्वर अलर्ट सुनने को मिला, जिससे कई लोग भयभीत हो गए। कुछ ऐसे भी लोग थे, जो मोबाइल को छोड़कर कमरे से बाहर दौड़ लगा दिए। बाद में जब इन्हें पता चला कि मौसम को लेकर अलर्ट रहने का संदेश दिया गया है, तो उन्होंने राहत की सांस ली। इसमें संदेश दिया गया था कि, आगामी तीन घंटों में कोरबा, रायगढ़, सक्ति और सरगुजा के कुछ अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और बारिश के साथ आंधी आने की संभावना व्यक्त की गई थी। अलर्ट के अलार्म को जो समझ नहीं आए, वे मोबाइल को यथास्थिति में छोड़ दिए, और यह चर्चा का विषय भी बन गया, क्योंकि ऐसा संदेश पहली बार एक साथ सभी के मोबाइल में आया था। जहां समूह में लोग थे, वे अचानक मोबाइल में कुछ अलग तरीके से बजे एक्सटरनल सर्वर अलर्ट, अलार्म को सुनकर एक-दूसरे को देखने लगे।

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