कवर्धा। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कई गांवों की बिजली व्यवस्था ठप है। वहीं बिजली विभाग की लापरवाही ने हालात और बदतर कर दिए हैं। इसी बीच बिजली विभाग की लापरवाही का एक वीडियो सामने आया है। इसने तमरूवा गांव के लोगों की परेशानियां बढ़ा दी है। ग्रामीण बीते एक महीने से बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं। लेकिन विभाग ने अब तक स्थायी समाधान नहीं किया। ग्रामीणों की बार-बार शिकायत के बाद विभाग की टीम गांव तो पहुंची। लेकिन लापरवाही की हद पार करते हुए ट्रांसफार्मर को भैंसगाड़ी में लादकर खेतों के रास्ते बिजली पोल तक ले गई। इससे खेतों की खड़ी फसल को नुकसान भी पहुंचा।

एक माह से खराब है ट्रांसफार्मर
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने होने की सूचना बिजली विभाग को दी थी। लेकिन विभाग ने कोई संज्ञान नहीं लिया। जब ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों से संपर्क किया। तब जाकर विभाग की टीम गांव पहुंची। लेकिन यहां लापरवाही की हद देखने को मिली। ट्रांसफार्मर को भैंसगाड़ी में लादकर खेतों के रास्ते बिजली पोल तक ले जाया गया।

खराब ट्रांसफार्मर भेजे गए
सबसे बड़ी चिंता की बात यह रही कि जो ट्रांसफार्मर लाया गया, वह खराब निकला। यही नहीं, विभाग ने दो बार ट्रांसफार्मर बदला। लेकिन दोनों बार खराब ट्रांसफार्मर भेज दिए गए। इससे साफ जाहिर होता है कि बिजली विभाग को ये तक जानकारी नहीं है कि उनके पास कौन सा ट्रांसफार्मर कार्यशील है और कौन सा खराब।

ग्रामीणों ने दी आन्दोलन की चेतावनी
भैंसगाड़ी को खेतों से बार बार ट्रांसफार्मर ले जाने के चलते वहां खड़ी फसल बर्बाद हो गई। इससे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साएं किसानों का कहना है कि बिजली विभाग की अनदेखी के चलते उन्हें इलेक्ट्रिसिटी के साथ फसलों का भी नुकसान झेलना पड़ा है। इतना ही नहीं बिजली सप्लाई बंद होने से जनजीवन ठप हो गया। बच्चों की पढ़ाई से लेकर मोबाइल चार्जिंग, सिंचाई और अन्य दैनिक कामों पर असर पड़ा है। नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी है जल्द समाधान हुआ तो आंदोलन को मजबूर होंगे।

पशु क्रूरता भी दिखी
इस पूरे घटना में पशु क्रूरता भी देखने को मिली है, ट्रांसफार्मर की ढुलाई का वजन भैंस नहीं संभाल पा रहे हैं। जिसके बावजूद ग्रामीण और बिजली विभाग के अधिकारी पशुओं पर क्रूरता कर डंडे से पीट पीट कर गाड़ी को आगे बढ़ा रहे हैं। जिसमे क्रूरता साफ तौर पर दिख रही है।

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