खिड़की का ग्रिल काटकर शासकीय सामानों की हुई थी चोरी
मनेंद्रगढ़ (एमसीबी)। जिले के केल्हारी थाना अंतर्गत ग्रामीण बैंक में खिड़की के ग्रिल काटकर शासकीय सामानों की चोरी करने वाले दो चोरों को केल्हारी पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपियों के कब्जे से चोरी का सामान बरामद किया गया है। जप्त सामान की कीमत लगभग 94 हजार रुपये आंकी गई है। चोरी की घटना में उपयोग की गई मोटरसाइकिल को भी जप्त कर लिया गया है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार छ.ग. राज्य ग्रामीण बैंक शाखा केल्हारी के शाखा प्रबंधक राजकमल राजीव आ. कमलेश कुमार कमल उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम केल्हारी थाना केल्हारी जिला मनेन्द्रगढ – चिरमिरी – भरतपुर थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराया था कि 13 नवम्बर 2024 की दरम्यानी रात छ.ग. राज्य ग्रामीण बैंक शाखा केल्हारी में खिड़की के ग्रिल को काटकर बैंक के अंदर प्रवेश कर 7 नग डेस्कटॉप, 02 नग की बोर्ड, 01 नग पास बुक प्रिंटर, 02 नग एडाप्टर, 01 नग राउटर, 01 नग डी-लिंक, 01 नग वेब कैमरा, 01 नग एक्टेंशन बोर्ड, 01 नग थरमश कुल कीमत लगभग 93,950.00 (तिरानवे हजार नौ सौ पचास) रूपये का शासकीय सामान कोई अज्ञात चोर चोरी कर ले गया है।रिपोर्ट पर अपराध क्रं. 68 / 2024 धारा 331 (4), 305 (ई) बी.एन.एस का कायम कर विवेचना में लिया गया तथा वरिष्ठ अधिकारियों को बैंक चोरी की घटना से अवगत कराया गया। पुलिस अधीक्षक चन्द्रमोहन सिंह निर्देशन में अति. पुलिस अधीक्षक अशोक वाडेगांवकर के मार्गदर्शन में
अनुविभागीय पुलिस अधिकारी अलेक्सियुस टोप्पो के नेतृत्व में तत्काल स्पेशल टीम का गठन कर घटना के सभी बिन्दुओं का बारीकी से विश्लेषण कर आरोपी की पतासाजी की जाने लगी तथा जल्द से जल्द आरोपी की पहचान कर उसे पकड़कर पूंछताछ किया गया। आरोपी हरिशंकर उर्फ हरि द्वारा बताया गया कि बैंक में रूपये / पैसे चोरी करने कि नियत से खिड़की के ग्रिल एवं सीसीटीव्ही कनेक्शन वायर को काटकर बैंक के अंदर घुसकर नगद रुपये/ पैसे की खोजबीन करने लगा। पैसे नहीं मिलने पर बैंक में रखे कम्यूटर डेस्कटॉप, प्रिंटर कैमरा की-बोर्ड, माउस मॉडम को बेचने से पैसा / रूपये का इंतजाम हो जायेगा। यह सोचकर सभी सामानों को चोरी कर बैंक के बाहर निकाला और सभी सामानों को बोरी में भरकर अपने छोटे भाई अजय के साथ बाईक में बैठकर अपने घर जाकर चोरी के सामानों को अपने घर के अंदर छिपाकर रखा है। आरोपियों द्वारा जुर्म करना स्वीकार करने पर गिरप्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया गया है ।

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