घायलों का चल रहा उपचार, जिम्मेदार अधिकारी की भूमिका सवालों के घेरे में
लखनपुर। विद्युत विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण एक ठेका कर्मचारी की जान चली गई, दो घायलों का उपचार चल रहा है। ग्राम जजगा में मेंटेनेंस का कार्य करने के दौरान वह 33 हजार केव्ही विद्युत प्रवाहित तार की चपेट में आ गया था।
जानकारी के मुताबिक ठेका कर्मी तुलेश्वर ठाकुर पिता बलभद्र सिंह ठाकुर 30 वर्ष लखनपुर निवासी सफीर एक्का पिता कोलू राम निवासी सीतापुर, सतनारायण सिंह पिता धीर साय 31 वर्ष निवासी ग्राम अमदला एक समूह में 33 हजार केव्ही मेंटेनेंस का कार्य कर रहे थे, इसी दौरान उदयपुर सलका के 132 केव्ही स्टेशन फीडर से आए हाईटेंशन तार की चपेट में आने से तीनों घायल हो गए। इन्हें लखनपुर अस्पताल लाया गया, यहां डॉक्टरों ने जांच उपरांत तुलेश्वर ठाकुर को मृत घोषित कर दिया था। स्वजन इससे संतुष्ट नहीं थे, और वे तुलेश्वर ठाकुर को लेकर होलीक्रॉस अस्पताल अंबिकापुर पहुंचे, यहां इमरजेंसी कक्ष में जांच के बाद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित किया। सफीर एक्का और सत्यनारायण सिंह का उपचार मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में जारी है।
त्योहारों के मद्देनजर चल रहा मेंटनेंस का कार्य
आगामी दीपावली और छठ त्यौहार के मद्देनजर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के द्वारा मेन्टनेंस का कार्य किया जा रहा था, इसके लिए विद्युत विभाग के द्वारा विज्ञापन जारी किया गया है। सूत्रों की मानें तो लखनपुर जेई सचिन कुजूर के द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के 33 हजार केव्ही का मेंटेनेंस कार्य बिना सुरक्षा व्यवस्था के ठेका कर्मियों से कराया जा रहा था। इसी लापरवाही के कारण मेन्टनेंस के कार्य दौरान करंट की चपेट में आने से तुलेश्वर की मौत हो गई, दो घायल हो गए। कंपनी के विज्ञापन अनुसार 14 अक्टूबर को ग्राम तुरना फीडर के बेलखरिखा, पर्री, अमलभिट्टी, मुकुंदपुर, ईरगवा एवं अन्य ग्राम में व 33/11 केव्ही उपकेंद्र तुरना के फीडर से निकलने वाले ग्राम खुटिया, पथरी, महंगई व अन्य ग्रामों में मेंटेनेंस का कार्य सुबह 9 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक होना था। नियमों को ताक पर रखकर विद्युत विभाग के द्वारा बिना किसी सुरक्षा के ठेका कर्मियों से मेन्टनेंस कार्य कराने से एक घर का चिराग त्योहार के मौके पर बुझ गया। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन के सुपुर्द कर दिया है।
सुबह 10.40 बजे कार्यालय से हुए रवाना
बिजली विभाग में वाहन चालक का काम करने वाले लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गोरता निवासी दुर्गेश राजवाड़े पिता रामप्रसाद राजवाड़े 31 वर्ष ने पुलिस को बताया कि 14 अक्टूबर को जेई सचिन कुजूर के निर्देश पर वह लाइन मेंटनेस का काम करने सुबह करीब 10.40 बजे विभाग के आउटसोर्सिंग कर्मचारी भुनेश्वर दास, सफिर एक्का, संजय सिंह, छोटूलाल टोप्पो, सतनारायण टेकाम, संतोष सिंह, पनमेश्वर पैकरा, फलेश्वर सिंह, पुरन सिंह, तुलेश्वर ठाकुर को विभागीय वाहन में बैठाकर 33 केव्ही उदयपुर फिडर का मेंटनेस कार्य करने के लिए लेकर गया था। सभी कर्मवारी तीन-तीन के समूह में उतरकर काम करने के लिए चले गए थे। तुलेश्वर ठाकुर, सतनारायण टेकाम व सफिर एक्का एक ग्रुप में थे, जो जजगा में काम करने के लिए उतरे। इसके बाद वह केशगवां की ओर अन्य स्टाफ को छोड़ने गया था। दोपहर करीब एक बजे छोटूलाल फोन करके जल्दी गाड़ी लेकर आने कहा और बताया कि तुलेश्वर, सतनारायण व सफिर एक्का करंट की चपेट में आ गए हैं। जब वह जजगा आया तो सफिर एक्का बातचीत कर रहा था, दो अन्य बेहोश थे। तीनों को विभागीय वाहन में लेकर वह स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर पहुंचा, यहां से इलाज के बाद चिकित्सक ने तुलेश्वर ठाकुर को रिफर कर दिया। किराए के वाहन से वे उसे होलीक्रॉस अस्पताल अंबिकापुर लेकर पहुंचे, यहां इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक एक्समेन सिक्युरिटी सर्विस से संबद्ध
मृतक तुलेश्वर ठाकुर एक्समेन सिक्युरिटी सर्विस से संबद्ध था, जो लखनपुर में स्थित बिजली विभाग के जेई सचिन कुजूर के अधीन काम करता था। बयान के अनुसार सफिर एक्का ने विभागीय वाहन चालक को बताया था कि भूलवश दूसरे करंट प्रवाहित फिडर में काम करते वक्त करंट की चपेट में तीनों आ गए। मामला जो भी है, लेकिन तीनों कर्मचारियों का एक साथ काम करते वक्त करंट की चपेट में आना गंभीर मसला है। सवाल यह भी उठता है कि बिना तकनीकि मार्गदर्शक के इन्हें काम के लिए कैसे रवाना किया गया? करंट प्रवाहित फिडर में गलती से काम करने की बातें सामने लाकर कहीं पल्ला झाड़ने की कोशिश तो नहीं है? घटना से साथी कर्मचारियों और स्वजन में शोक का माहौल है।
जेई ने फोन नहीं किया रिसीव
इस संबंध में लखनपुर के जेई सचिन कुजूर से फोन करके उनका पक्ष लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया गया।

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