मेडिकल कॉलेज अस्पताल से पुलिस आरक्षक को चकमा देकर हुआ था फरार
अंबिकापुर। हत्या के मामले में सेंट्रल जेल अंबिकापुर में आजीवन कारावास की सजा काट रहा एक कैदी टॉयलेट जाने के बहाने बीते 6 अक्टूबर को मेडिकल कॉलेज अस्पताल से ड्यूटी पर तैनात आरक्षक को चकमा देकर फरार हो गया था। मामले में पुलिस अधीक्षक ने आरक्षक मदन लाल पैंकरा को निलंबित किया था, और नाकाबंदी करके फरार कैदी की खोजबीन चल रही थी। इधर फरार कैदी बिलासपुर जिला स्थित अपने घर पहुंच गया, और 7 अक्टूबर को बिलासपुर कलेक्टर के समक्ष पत्नी के साथ जाकर खुद को सरेंडर कर दिया। कलेक्टर के निर्देश पर सिविल लाइन पुलिस उसे जेल भेज दी थी। बताया जा रहा है कि उसे पुन: जेल से थाने भेज दिया गया, इसके बाद वह घर चले गया था। फरार कैदी के बिलासपुर में होने की खबर मिलने पर अंबिकापुर पुलिस जब उसे लेने के लिए पहुंची तो वह दर्द निवारक दवा के साथ कथित रूप से सैनीटाइजर का सेवन कर लिया। कैदी को बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद मणीपुर थाना पुलिस उसे अंबिकापुर लेकर पहुंच गई है।
बता दें कि बिलासपुर के मस्तुरी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मल्हार के मुकेश कांत को हत्या के मामले में वर्ष 2013 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वर्ष 2023 में उसे बिलासपुर जेल से सेंट्रल जेल अंबिकापुर में शिफ्ट किया गया था। तबियत खराब होने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड में भर्ती कराया गया था। 6 अक्टूबर की सुबह वह ड्यूटी पर तैनात आरक्षक से टॉयलेट जाने के लिए कहा और जेल वार्ड के पिछले दरवाजे के सामने स्थित टायलेट में गया, और मौका देखकर ईएनटी वार्ड की ओर से फरार हो गया, इसकी भनक किसी को नहीं लग पाई। आरक्षक की सूचना पर मणीपुर थाने में फरार कैदी के विरूद्ध अपराध दर्ज किया गया था। कैदी के फरार होने के समय अस्पताल के जेल वार्ड में शिफ्टवार पुलिस विभाग के आरक्षकों की ड्यूटी लगी थी। मामला संज्ञान में आने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा ने प्रथमतया आरक्षक की लापरवाही सामने आने पर उसे तत्काल सस्पेंड कर दिया था।
पत्नी ने लगाया प्रताड़ना का आरोप
सजायाफ्ता कैदी मुकेश कांत की पत्नी अमरीका बाई कुर्रे ने केंद्रीय जेल अंबिकापुर में पति को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। कहना है कि उसे जेल में मिलने वाली सुविधाएं नहीं दी जाती थी, जिस कारण वह अपने पति को बिलासपुर जेल में ही रखने गुहार लगाई है। हालांकि मणीपुर थाना पुलिस फरार कैदी को अपने अभिरक्षा में लेकर अंबिकापुर पहुंच गई है।
पैरोल अवधि में भी हुआ था फरार
सजायाफ्ता कैदी मुकेश कांत, 41 साल, वर्ष 2011 से सजा काट रहा है। वर्ष 2020 में वह पैरोल से फरार हो गया था और 3 साल बाद वर्ष 2023 में पकड़ा गया था। बिलासपुर जेल में वह रंगदारी और दूसरे कैदियों से मारपीट करता था, जिसके कारण जनवरी 2024 में उसे अंबिकापुर जेल में स्थानांतरित किया गया था। जेल में रहने की अवधि के दौरान उस पर लगातार अपराध कायम हुए हैं। केंद्रीय जेल अंबिकापुर में निरूद्ध रहने व तबियत खराब होने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती होने के बाद 6 अक्टूबर को फरार होने के बाद मणीपुर पुलिस ने उसके विरूद्ध एक और मामला कायम कर लिया है।

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