अंबिकापुर। मानसून पूर्व बारिश शुरू होने के बाद बाजार में पुटू आना शुरू हो गया है। सोमवार को सीजन में पहली बार बाजार में पुटू की आवक देखने को मिल रही है, जिसका भाव सभी सब्जियों के रेट के पार है। बाजार में आए पुटू का भाव आज की तिथि में 800 रुपये किलो रहा। हालांकि मानसून के दौरान निकलने वाला पुटू अभी आना बाकी है, इसकी शुरूआती कीमत 1200 से 1600 रुपये प्रति किलो तक रहती है। पिछले वर्ष शुरूआती दौर में पुटू का भाव आसमान छू रहा था। 400 रुपये पाव और 1600 रुपये प्रति किलो पुटू की बिक्री हो रही थी। महंगी सब्जी होने के बाद भी पुटू की मांग कम नहीं है। इतनी महंगी होने के बावजूद भी लोग इसे खरीद रहे हैं, जबकि चिकिन और मटन के भाव को पुटू मात दे रहा है।
बता दें कि बारिश शुरु होने के बाद लोगों को भी पुटू के बाजार में आने का इंतजार रहता है। अक्सर पुटू 10 जून के बाद ही बाजार में आता था। इस वर्ष प्री-मानसून एक्टिविटी के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में पुटू निकलना शुरू हो गया है। इस सीजन में बाजार में आए पुटू का भाव फिलहाल 800 रुपये है। हालांकि व्यवसायी ने कहा कि मानसून के दौरान आने वाला पुटू इससे ज्यादा महंगा रहेगा। जानकारों का कहना है कि पुटू में काफी मात्रा में प्रोटीन होता है, यह शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए भी बेहतर माना जाता है। हर साल ग्रामीण क्षेत्र के लोग इसे जंगल से बिनकर लाते हैं, जिससे शहर में पुटू का बाजार गुलजार रहता है। सरगुजा का पुटू दूसरे शहरों में भी काफी पसंद किया जाता है। दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले अंबिकापुर के पुटू का स्वाद अपने शहरों में जाकर लेते हैं। पुटू बलरामपुर जिले के सेमरसोत, जशपुर, प्रतापपुर व सीतापुर क्षेत्र से अंबिकापुर में अधिकतर बिकने के लिए आता है। पहले ग्रामीण बाजार में स्वयं बैठकर बेचते थे, अब इनसे कोचिए सस्ते दामों के खरीद लेते हैं, जिस कारण इसकी कीमत बढ़ जाती है।

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