अंबिकापुर। कतराज फ्यूल्स के संचालक ने पेट्रोल पम्प के मैनेजर द्वारा 12 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की राशि गबन करके फरार होने की रिपोर्ट गांधीनगर थाने में दर्ज कराई है। आरोप है कि मैनेजर पेट्रोल पम्प से महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी गायब कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक कतराज भवन, गुदरी बाजार निवासी अरूणेन्द्र प्रताप सिंह पिता राजेश प्रताप सिंह 38 वर्ष का ग्राम सकालो में महर्षि विद्या मंदिर स्कूल के पास, कतराज पेट्रोल पम्प बीते 4 मार्च 2020 से संचालित है। पेट्रोल पम्प में मैनेजर के पद पर राजेश कुमार गुप्ता पिता सीताराम गुप्ता निवासी नया बस स्टैंड के पास पदस्थ था, जो पेट्रोल पम्प में तेल के आवक-जावक और रुपये का हिसाब-किताब करता था। 20 जून 2025 को पेट्रोल पम्प के हिसाब का संचालक ने अवलोकन किया तो शुरूआती रकम करीब 12 लाख 50 हजार रुपये का हिसाब नहीं मिला, इसे राजेश कुमार गुप्ता के द्वारा गबन करना स्वीकार किया गया और माफी मांगते हुए उक्त रकम को जल्द ही वापस कर देने के लिए आश्वास्त किया था। राजेश काफी दिनों से पेट्रोल पम्प में काम कर रहा था, इस पर विश्वास करते हुए गबन की गई राशि की वापसी के लिए पेट्रोल पम्प के संचालक ने आगे किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की, और उसे रकम वापसी के लिए समय दे दिया। राजेश कुमार गुप्ता ने गारंटी बतौर दो चेक 9 लाख रुपये और 3 लाख 50 हजार रुपये का दिया था, इसके बाद वह तय समय पर पैसा वापस नहीं किया। मैनेजर के गायब होने पर पेट्रोल पम्प के संचालक ने उक्त चेक को बैंक में लगाया, तो बाउंस हो गया। रिपोर्ट पर पुलिस आरोपी मैनेजर के विरूद्ध केस दर्ज करके अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
डीएसआर व अन्य रिकार्ड लेकर हुआ गायब
पेट्रोल पम्प के संचालक का आरोप है कि गबन का आरोपी मैनेजर राजेश कुमार गुप्ता, पेट्रोल पम्प का डीएसआर व अन्य रिकार्ड संबंधी रजिस्टर लेकर 4 सितम्बर 2025 से फरार है। अपने स्तर पर उन्होंने उसे काफी तलाश किया, लेकिन पता नहीं चला। पेट्रोल पम्प के संचालक ने पुलिस को बताया है कि राजेश कुमार गुप्ता के द्वारा पेट्रोल पंप में संधारित डीएसआर व अन्य दस्तावेज लेकर फरार होने से गबन की अन्य वास्तविक राशि का सही तरीके से पता नहीं चल पा रहा है। गबन की राशि और बढ़ने की संभावना व्यक्त की गई है। इधर पेट्रोल पम्प में कार्यरत कर्मचारियों ने पूछताछ में कहा कि राजेश कुमार गुप्ता उनके ऊपर काफी दबाव बनाकर रखता था, कुछ पुछने पर नहीं बताता था।

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