मरहम-पट्टी करने आए कर्मचारी पर संदेह की बन रही स्थिति
अंबिकापुर। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती ऑटो चालक के जेब से 7 हजार रुपये पार होने करने का मामला सामने आया है। घटना के पूर्व अस्पताल का एक कर्मचारी ऑटो चालक को आए जख्म की सफाई कर रहा था। इसके जाने के बाद ऑटो चालक जेब में रखे रुपये को टटोला तो नहीं था। ऑटो चालक के द्वारा उक्त कर्मचारी पर ही जेब में रखे रुपये को पार करने का संदेह व्यक्त किया गया है।
जानकारी के मुताबिक बिहार के मधेपुरा थाना क्षेत्र का मो. जसीन नादाब पिता मो. जहीर नादाब, सरगुजा संभाग के बलरामपुर-रामानुजगंज जिला अंतर्गत कुसमी में रहकर ऑटो चलाता है। रविवार को दिन में करीब 10 बजे कुसमी घाट में ऑटो खराब होने पर वह स्वयं ऑटो रिपेयरिंग कर रहा था, इसी दौरान ऑटो लुढ़का, जिसमें वह करीब 15 मिनट तक फंसे रह गया। रास्ते से आने-जाने वाले लोगों की नजर ऑटो में फंसे व्यक्ति पर पड़ी और उन्होंने उसे बाहर निकालकर कुसमी स्वास्थ्य केन्द्र भेजा था। घटना में ऑटो चालक को पैर में गंभीर चोट आई थी। कुसमी अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक ने उसे रेफर कर दिया था। ऑटो चालक को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर लाया गया, स्थिति गंभीर देखते हुए उसे सर्जिकल आईसीयू में भर्ती किया गया था। हालात में कुछ सुधार होने के बाद ऑटो चालक को आईसीयू से सर्जिकल वार्ड, यूनिट-3 में शिफ्ट कर दिया गया था। सोमवार को दिन में करीब 11.30 बजे ड्रेसिंग के लिए अस्पताल का एक कर्मचारी पहुंचा, और जख्म को साफ करने के बाद मरहम-पट्टी करके चले गया। इसके बाद ऑटो चालक जसीन जब पहने हुए कपड़े में हाथ फेरा, जो जेब में रखा रुपये गायब था। घबराए ऑटो चालक ने वार्ड में भर्ती मरीज के अन्य स्वजन व अस्पताल के स्टाफ को इससे अवगत कराया, और बताया कि कोई कर्मचारी मरहम-पट्टी करने के लिए आया था। कर्मचारी के जाने के बाद जेब में रखे रुपये को वह टटोला तो गायब था। अस्पताल के कर्मचारियों को इसकी जानकारी ऑटो चालक दिया, तो उसे आश्वस्त किया गया है कि संदेही कर्मचारी जेब से रुपये निकाला है, तो मिल जाएगा। वार्ड में भर्ती मरीज को रुपये मिला या नहीं, यह अपुष्ट है।

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