गुवाहाटी/रायपुर। हाल ही में छत्तीसगढ़ पुलिस को उस वक्त बेहद असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब उसकी एक टीम को असम के प्रमुख शहर गुवाहाटी में स्थानीय पुलिस ने रिश्वत लेने के आरोप में हिरासत में ले लिया। इस टीम में एक इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और दो कांस्टेबल शामिल हैं। इन पुलिसकर्मियों पर असम से गिरफ्तार किए गए तीन साइबर अपराधियों से रिश्वत लेने उन्हें छोड़ने का आरोप है। इस बारे में जानकारी देते हुए गुवाहाटी के एक पुलिस अधिकारी ने बुधवार को बताया कि ‘रायपुर पुलिस के इन चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ दिसपुर पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज किया गया था, और मंगलवार रात को उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया।’ उन्होंने आगे बताया, ‘रायपुर पुलिस की टीम छत्तीसगढ़ में हुए एक साइबर क्राइम के सिलसिले में रविवार को गुवाहाटी पहुंची थी। पहले उन्होंने बिहार के एक आरोपी को गिरफ्तार किया था और सोमवार को गुवाहाटी से तीन अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया, ये तीनों भी बिहार के ही रहने वाले थे।’ अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस की इस टीम ने इन तीन आरोपियों में से रिश्वत लेकर दो आरोपियों को रिहा कर दिया, जबकि तीसरे को मांगी गई रकम के भुगतान होने तक अपनी हिरासत में रखा। आगे उन्होंने कहा, कि स्थानीय पुलिस को घूसखोरी के इस मामले की जानकारी उस वक्त मिली, जब छत्तीसगढ़ क पुलिसकर्मियों द्वारा रिश्वत लेकर छोड़े गए दो आरोपियों ने इस संबंध में उनके पास शिकायत कर दी। जिसके बाद हमने इस आधार पर कार्रवाई की और एक खुफिया ऑपरेशन चलाते हुए पूरी टीम को उठा लिया गया। इसके बाद कल रात उन्हें दिसपुर पुलिस स्टेशन लाया गया।’

पुलिस ने बताया कि इस मामले में हमने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जमानती धाराओं के अंतर्गत FIR दर्ज की थी और शुरुआती पूछताछ के बाद टीम को नोटिस देकर थाने से जाने की अनुमति दे दी। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमने उन्हें नोटिस जारी किया और अग्रिम कार्रवाई के लिए उन्हें बुधवार को फिर पेश होने के लिए कहा है।’ उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ के जिस मुख्य साइबर आरोपी को पकड़ा गया था, उसे भी ‘पीआर बॉन्ड’ यानी निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया है। ‘पीआर बॉन्ड’ यानी व्यक्तिगत जमानत आरोपी की अस्थायी रिहाई का एक तरीका है। सूत्रों के अनुसार, टीम पहले ही दिसपुर थाने पहुंच चुकी है और उससे पूछताछ जारी है।

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