लाखों रुपये व्यय करने के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था में लग रही सेंध
अंबिकापुर। राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध जिला अस्पताल के एमसीएच परिसर में खड़ी संजीवनी 108 एम्बुलेंस की चोरी ने अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध और एम्बुलेंस का संचालन करने वाली कंपनी के क्षेत्रीय कर्ताधर्ता को कठघरे में खड़ा कर दिया है। आए दिन अस्पताल परिसर में चोरियों हो रही हैं, इसके बाद भी आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए लगाया गया सीसीटीव्ही कितना उपयोगी है, इसकी मॉनीटरिंग नहीं होना समझ से परे है। जबकि पूर्व में चोरों ने कई बार ऑक्सीजन प्लांट, एमआरआई, सिटी स्कैन मशीन का कॉपर वायर तक काट दिया गया है। अस्पताल की सतत निगरानी के नाम पर अमूमन 30 लाख रुपये फूंकने के बाद भी चोरों की सक्रियता का बने रहना समझ से परे है। कोविडकॉल के दौरान से ही अस्पताल में गहन चिकित्सा के लिए आने वाले मरीजों की खोज-खबर लेने और प्रतिबंधित क्षेत्र तक किसी की पहुंच न हो, इसे ध्यान में रखते हुए जगह-जगह सीसीटीव्ही निगरानी के लिए लगाए गए थे। वर्तमान में यह अस्पताल 120 सीसीटीव्ही कैमरे से लैस है। नई सरकार के आने के बाद सत्र 2023-24 में जेम्स पोर्टल के माध्यम से, आईटी मद से 50 कैमरों की खरीदी लगभग 7 लाख 50 हजार रुपये में की गई थी, जिसे अस्पताल में जगह-जगह लगाया गया है। इसके बाद भी आए दिन अस्पताल परिसर में चोरी की घटनाएं हो रही हैं।
कई चोरी की घटनाओं को प्रबंधन सामने नहीं लाना चाहता है, जिससे ऐसी वारदातें रूकने का नाम नहीं ले रही हैं। चोर मरीजों के संबंधियों की दोपहिया वाहनों को आए दिन पार करते नजर आ रहे हैं। कहने को वाहन स्टैंड में पर्ची लेकर वसूली के लिए महिलाएं बैठे रहती हैं, लेकिन इनके द्वारा चोरी गई कितने वाहनों की भरपाई की गई है, इसे अस्पताल प्रबंधन ने शायद ही संज्ञान में लिया हो। इस बार तो एम्बुलेंस ही चोरी हो गई। संजीवनी 108 के प्रबंधन द्वारा मामले को थाने के संज्ञान में लाया गया है। बताया जा रहा है कि संजीवनी एम्बुलेंस के चोरी का पता तब चला जब 108 की टीम को एंबुलेंस की जरूरत पड़ी। एमसीएच परिसर से वाहन गायब देखकर सबके होश उड़ गए। संजीवनी एम्बुलेंस के चालकों से खबर ली गई, लेकिन समाचार लिखने तक एम्बुलेंस का पता नहीं चल पाया है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान से एम्बुलेंस की चोरी का वाक्या सामने आने के बाद सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगाला जा रहा है, लेकिन किसी प्रकार का सुराग नहीं मिल पाया है। इस घटना के प्रकाश में आने के बाद सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। देखा जाए जो संजीवनी 108 सामान्य वाहन नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के में संजीवनी का काम करती है। एंबुलेंस का चोरी होना आम लोगों की आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं को प्रभावित करने का प्रयास है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो ने बताया कि मामले में अज्ञात चोर के खिलाफ केस दर्ज करके अस्पताल प्रबंधन और संजीवनी 108 सेवा के कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।
सीसीटीव्ही का परीक्षण कर रहे मैकेनिक
एम्बुलेंस चोरी की घटना के बाद तकनीकी जानकारों के द्वारा अस्पताल में लगे सीसीटीव्ही का जायजा लिया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि सभी सीसीटीव्ही कैमरे सही हैं। मंगलवार को पुलिस सहायता केन्द्र के सामने गेट में लगे सीसीटीव्ही को चेक करते मैकेनिक नजर आए। इनका कहना था कि पेड़ में लगे सीसीटीव्ही में एक काम नहीं कर रहा है, जिससे बाहर की गतिविधि शायद ही डीबीआर में कैद हुई हो। वहीं अस्पताल में सुरक्षा के नाम पर निजी कंपनी के कई प्रहरी डंडा लिए खड़े नजर आते हैं, इनकी जवाबदेही सही तय नहीं होने के कारण ये मनमाफिक ड्यूटी देते नजर आ रहे हैं।
बयान
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हाई और लो क्षमता के 120 सीसीटीव्ही लगे हैं। नई सरकार के आने के बाद आईटी मद से जेम्स पोर्टल के माध्यम से 50 सीसीटीव्ही खरीदा गया है, जिसकी कीमत करीब साढ़े सात लाख रुपये है। चोरी की घटनाओं को देखते हुए भविष्य में सीसीटीव्ही का एक कॉमन कक्ष बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है, जहां एक कर्मचारी तैनात रहे, और अस्पताल सहित परिसर में चल रही गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके।
डॉ. आरसी आर्या, अधीक्षक
मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अंबिकापुर

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