डीईओ द्वारा गाइड लाइन को ताक पर रखकर लाखों की फर्नीचर खरीदी का आरोप

अंबिकापुर। सूरजपुर जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा स्कूलों के लिए फर्नीचर की खरीदी में घोटाला करने के संबंध में अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी द्वारा की गई शिकायत पत्र पर आयुक्त सरगुजा संभाग अंबिकापुर ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया था शैक्षणिक सत्र 2022-23 में स्कूलों में फर्नीचर सप्लाई के लिए लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर द्वारा 23 सितंबर 2022 को प्रति कार्यालय एवं जिले में संचालित शासकीय प्राथमिक शाला, पूर्व माध्यमिक शाला, हाई स्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक शालाओं में कार्यालय फर्नीचर क्रय हेतु आबंटन की स्वीकृति जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर को प्रदान की गई। इसमें प्राथमिक शाला हेतु 24,01637 रुपये, पूर्व माध्यमिक शाला हेतु कुल 18,03904 रुपये, उच्चतर माध्यमिक शाला हेतु 28,95299 रुपये, कुल 71 लाख 840 रुपये दिए गए थे। आबंटन आदेश के उपरांत जिला शिक्षा अधिकारी विनोद राय के द्वारा सप्लाई ऑर्डर 10/10/2022 को श्री कृष्णा उद्योग रायपुर को दिया गया, इसमें स्टूडेन्ट डेक्स एवं स्टूडेन्ट बैंच 542-542 नग प्रदान करने का निर्देश दिया गया। 10/10/ 2022 को ही सप्ताई ऑर्डर अल्ट्रा मॉडल इन्डस्ट्री पटपरिया, अंबिकापुर को दिया गया, जिसमें स्टूडेन्ट डेक्स 504 एवं स्टूडेन्ट बैंच 505 नग प्रदान करने का आदेश दिया गया था। वहीं संचलानालय लोक शिक्षण रायपुर के द्वारा 23/09/2022 के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर को गैर कार्यालय फर्नीचर हेतु पूर्व माध्यमिक शाला के लिए 62,80148 रुपये एवं हाई व हायर सेकेंडरी के लिए 79,92037 रुपये, कुल एक करोड़ 42 लाख 72 हजार 185 रुपये का आबंटन भेजा गया। आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी ने उपरोक्त आबंटन से गुणवत्ता विहिन फर्नीचर कृष्णा उद्योग रायपुर एवं अल्ट्रा मॉडल इंडस्ट्री अंबिकापुर से क्रय किया है। बिना भौतिक सत्यापन किए मनमाने दाम पर स्कूलों में स्कूलों में मांग पत्र के अनुरूप फर्नीचर सप्लाई नहीं की गई, वहीं खुले बाजारों में दो से तीन हजार रुपये में मिलने वाले फर्नीचरों की बिलिंग सप्लायर से मिलीभगत कर सात-आठ हजार रुपये की गई है। अधिवक्ता श्री सोनी ने जिला शिक्षा अधिकारी एवं क्रय समिति में संलग्न सभी कर्मचारी, अधिकारी के विरूद्ध शासकीय राशि का गबन एवं दुरूपयोग करने के मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने हेतु आवेदन बीते वर्ष प्रस्तुत किया गया था। इसमें यह भी बताया गया था कि शासकीय विभागों में सामानों के खरीदी या बिक्री के लिए पारदर्शी तरीके से खुली निविदा के प्रावधान का उल्लंघन किया गया है। बजट आदेश में साफ तरीके से उल्लेख था कि छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम तथा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग समय-समय पर जारी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करे। गाइड लाइन का पालन नहीं करने सहित अन्य बिंदुओं की ओर भी ध्यानाकर्षण कराया गया है। शिकायत पत्र में उल्लेखित तथ्यों के आधार पर आयुक्त सरगुजा संभाग ने डी प्रतिवेदन सात दिवस के भीतर कार्यालय को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।

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