अंबिकापुर। सीतापुर में नायब तहसीलदार के साथ हुई कथित मारपीट और उसके बाद राजस्व अधिकारियों-कर्मचारियों की हड़ताल से आमजन को हो रही परेशानियों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने राज्यपाल के नाम दो सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने सरगुजा कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि 27 मई को सीतापुर के राजापुर में स्थानीय विधायक एवं उनके समर्थकों द्वारा नायब तहसीलदार के साथ मारपीट की गई। इस घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। घटना के विरोध में राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी विधायक एवं उनके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। कांग्रेस का कहना है कि खरीफ सीजन शुरू होने से ठीक पहले शुरू हुई इस हड़ताल से नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, भूमि मापन, आय, जाति, विलंबित जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि अपराध दर्ज होने के बावजूद विधायक और उनके समर्थकों को संरक्षण दिए जाने से प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों द्वारा शासकीय कर्मचारियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जाएगा तो शासन व्यवस्था पर जनता का विश्वास कमजोर होगा।

पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से राजस्व विभाग की हड़ताल के कारण लोगों के जरूरी कार्य अटके हुए हैं। खरीफ सीजन के दौरान सीमांकन, नापजोख और बंटवारे जैसे कार्यों का विशेष महत्व होता है, लेकिन वर्तमान स्थिति में आमजन परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्यशैली के कारण यह टकराव की स्थिति बनी है।

नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा कानून को हाथ में लेना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि विधायक स्वयं पहल कर हड़ताली अधिकारियों और कर्मचारियों से चर्चा करें तथा मामले के समाधान का प्रयास करें।

 

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