दिगर प्रांतों के वाहन चालकों पर रहती है गिद्ध नजर, मनमानी रोकने अधिकारी नहीं ले रहे रूचि

बलरामपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के आरटीओ कार्यालय में एजेंटोंं की सक्रियता इस कदर है कि आम लोगों का काम आसानी से नहीं हो पाता है। लाइसेंस बनवाना हो तो एजेंट का दामन थामना जरूरी है। आरटीओ के कर्मचारियों का सहयोग नहीं मिलने से महज 1300 रुपये में बनने वाले लाइसेंस का वाहन चालकों को छह हजार रुपये भुगतान करना पड़ता है। अधिकारी के नाक के नीचे चल रही मनमानी रोकने में विभाग कोई रूचि नहीं ले रहा है। ऐसे में अधिकारी की मिलीभगत को नकारा नहीं जा सकता है। आरटीओ विभाग की नजर दिगर प्रांत के लोगों पर ज्यादा रहती है। प्रतिदिन कार्यालय परिसर में झारखंड के लोग लाइसेंस बनवाने एजेंट के माध्यम से पहुंचते हैं, इसके पीछे कारण मुहमांगी रकम का मिलना है। भोले-भाले वाहन चालकों से यहां मनमाफिक रुपये वसूल कर लिए जाते हैं। कार्यालय में आम वाहन चालकों से अधिक एजेंटों की पकड़ रहने से यहां के कर्मचारी आम लोगों के काम में स्वयं रूचि नहीं दिखाते हैं। अपने आप को आरटीओ एजेंट बताने वाले दलाल वाहनों के रजिस्ट्रेशन, ड्राइवरी लाइसेंस, फिटनेस जैसे कार्यों की बदौलत वाहन चालकों, स्वामियों की जेब में डाका डाल रहे हैं। आरटीओ कार्यालय का अधिकतर काम ऑनलाइन होने के बाद भी एजेंटी प्रथा का बोलबाला होना समझ से परे है। परिवहन विभाग भी वाहन चालकों की सहूलियत को नजरअंदाज करने में लगा है। यही कारण है कि यहां का आरटीओ कार्यालय सिफ शहर के लोगों के लिए नहीं बनी बल्कि जनप्रतिनिधियों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। आम लोगों का कहना है की कांग्रेस सरकार के चहेतों का आज भी इस कार्यालय में बोलबाला है। देखना यह है कि भाजपा सरकार में भी भ्रष्टाचार करने वाले लोगों की मनमानी चलेगी या फिर इनके रवैये में अंकुश लगाने की पहल होगी।

कंडम बसों का हो रहा संचालन
बलरामपुर एनएच-343 में बिना फिटनेस जांच के यात्री बस दौड़ रही हंै, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के नियमों को ताक में रखकर खुलेआम सड़कों पर कंडम बसों का संचालन होना सामने भी आ रहा है। यात्रियों को बसों में ठूंस-ठूंसकर भरा जाता है। कई यात्री बसों की बदतर हालत देखने के बाद बलरामपुर आरटीओ विभाग इन्हें फिट करके सड़क पर फर्राटा भरने की छूट दे रहा है। विभाग के अधिकारी, उड़नदस्ता टीम यात्रियों की सुरक्षा को लेकर मूकदर्शक बनी है। कंडम बसें कहीं दुर्घटनाग्रस्त हो जाएं, तो लग्जरी वाहन में चलने वाले अधिकारियों को नहीं बल्कि उन यात्रियों पर पड़ेगा, जो मजबूरी में ऐसे बसों में सफर करते आ रहे हैं।

धनवार चेक पोस्ट का वीडियो वायरल
बलरामपुर जिले के छत्तीसगढ़-उत्तर प्रदेश बॉर्डर के चेक पोस्ट में रुपये लेते एक वीडियो इन दिनों इंटरनेट मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। चेक पोस्ट पर बैठे कर्मचारियों के द्वारा आए दिन वाहन चालकों से अवैध वसूली की जाती है। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि धनवार में स्थित आरटीओ चेक पोस्ट में ट्रक चालकों से पांच सौ, वहीं पिकअप चालकों से दो सौ रुपये लिया जाता है। इस वीडियो को उसी से संबंधित बताया जा रहा है। परिवहन विभाग की कारगुजारी का ऐसा नमूना वर्ष के अंत में जमकर वसूली का संकेत दे रहा है। छत्तीसगढ़ फ्रंटलाइन उक्त वीडियो की पुष्टि नहीं करता लेकिन विभाग के हालात और चेक पोस्टों के क्रियाकलापों को देखने के बाद अवैध वसूली से इन्कार भी नहीं किया जा सकता है।

इनका कहना है
पिछले पांच साल से कांग्रेस सरकार में मनमानी चल रही थी। भाजपा की सरकार में किसी की मनमानी नहीं चलेगी। मैं आरटीओ विभाग के जिम्मेदार अधिकारी से चर्चा करूंगा। अगर बस पूरी तरह से कंडम हो चुकी है तो जांच के बाद इन्हें अनफिट घोषित किया जाना चाहिए और सड़क पर स्पष्ट तौर पर संचालित नहीं करने की मनाही होनी चाहिए, जिससे यात्रियों की सुरक्षित यात्रा हो। आम जनता के सुरक्षा की जिम्मेदारी का इन्हें एहसास कराया जाएगा।

ओमप्रकाश जायसवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष
बलरामपुर एनएच में रोजाना कंडम बसें दौड़ रही हंै। हम लोग खुद बस में सफर करते हैं तो डर बना रहता है कि कहीं बसों की सीट ना उखड़ जाए। कुछ बसों की स्थिति तो ऐसी हो गई है कि बरसात के दिनों में अंदर पानी टपकते रहता है। साइलेंसर ऐसे आवाज करता है कि यात्री सहम जाते हैं। मध्यम वर्ग के लोग बस से ही सफर करते हैं। आरटीओ की मेहरबानी है कि यात्रियों को असुरक्षित सफर करना पड़ रहा है। बलरामपुर से अंबिकापुर जाने के लिए किसी बस में सौ रुपये तो कोई डेढ़ सौ रुपये वसूल लेता है। बस के कंडक्टरों की मनमानी चरम पर है।
रोशन लाल मणि, नागरिक

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