रिसॉर्ट संचालक ने मांगा दो दिन का समय, कहा-हम स्वयं हटा

अंबिकापुर। शहर में अवैध निर्माण और शासकीय जमीन पर कब्जे के खिलाफ जिला प्रशासन के द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार को प्रशासन की टीम बनारस रोड में स्थित ‘द कमोदा रिसॉर्टÓ पहुंची, जिसकी शिकायत कलेक्टर के जनदर्शन में एक व्यक्ति ने की है। मौके पर एसडीएम के नेतृत्व में पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में नापजोख करके वास्तव में कितनी भूमि पर किसके द्वारा अतिक्रमण किया गया है, यह जाना। नाप के दौरान रिसॉर्ट के संचालक द्वारा मौके पर अतिक्रमण करना पाया गया है। त्वरित बेदखली की कार्रवाई से बचने के लिए रिसॉर्ट संचालक ने प्रशासनिक अमले से दो दिन का समय मांगते हुए आवेदन दिया, इसके बाद टीम वापस लौट आई। ऐसे में शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर दोहरा मापदंड अपनाने की चर्चा हो रही है। वहीं रिसॉर्ट संचालक के पक्ष में मौके पर पहुंचे पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने अतिक्रमण हटाने पहुंचे अधिकारियों की कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में लिया है। इनका कहना है कि, 2024-25 के मामले में अब तक क्या कर रहा था प्रशासन?

बता दें कि, प्रशासन की टीम इन दिनों शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण को लेकर सख्त है। सिलसिलेवार अतिक्रामकों को नोटिस थमाने और अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की जा रही है। इस दायरे में धीरे-धीरे बड़े कारोबारी भी आ रहे हैं। इसी क्रम में ‘द कमोदा रिसॉर्टÓ के संचालक पर लगभग 45 डिसमिल शासकीय जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप शिकायतकर्ता दिनेश राय के द्वारा लगाया गया है। जनदर्शन में पहुंची इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को एसडीएम के साथ मौके पर पटवारी, आरआई पहुंचे, इनके द्वारा जमीन की नापजोख शुरू की गई। प्रशासन की टीम ने संकेत दिया कि, नापजोख पूरी होने के बाद रिसॉर्ट के अतिक्रमित हिस्से को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। नाप के बाद प्रशासन की ओर से मौके पर मौजूद एसडीएम ने स्वीकार किया कि, रिसॉर्ट के संचालक द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जा किया है। इसके बाद सभी नियमों को पूरा करते हुए भूमि क्रय करने और रिसॉर्ट का निर्माण का दावा करने वाले रिसॉर्ट के स्वामी राजेश कुमार गुप्ता के द्वारा टीम से दो दिन का समय अपने निजी जमीन की सीमा का मिलान करने के लिए मांगा, और आश्वस्त किया है कि वे स्वयं अतिक्रमण के दायरे में आने वाली भूमि को कब्जा से मुक्त कर देंगे। इसके बाद प्रशासन की टीम वापस लौट गई। प्रशासन की इस नरमदिली को लेकर आमजनों का कहना है कि, गरीबों के घर में रात को नोटिस चस्पा करके सुबह बुलडोजर चलाने की कार्रवाई करने वाले प्रशासन का दो चेहरा सामने आ रहा है, जबकि बेदखली की कार्रवाई के लिए बीते एक अप्रैल को ही नोटिस चस्पा करना प्रशासन की ओर से स्वीकार किया जा रहा है।

तहसीलदार ने थमाया बेदखली वारंट, कहा-कब्जा हटा लें

‘द कमोदा रिसॉर्टÓ के स्वामी राजेश गुप्ता ने बताया कि, शुक्रवार की शाम को तहसील कार्यालय से फोन करके उन्हें तहसीलदार से मिलने कहा गया। तहसीलदार से मिले तो उन्हें बेदखली वारंट थमाते हुए तत्काल सरकारी जमीन से कब्जा हटाने कहा गया। जब उन्होंने किस शासकीय भूमि पर कब्जा है, जानने का प्रयास किया तो पता चला कि वर्ष 2024-25 में भी कलेक्टर से इस संबंध में शिकायत की गई थी, जिस पर सीमांकन के लिए टीम का गठन किया गया था। जांच में सामने आया कि, खसरा नम्बर 471 की जमीन को 33 लोगों ने खरीदा है। उन्होंने बिक्रीनामा के साथ नियमानुसार जमीन क्रय किया, और अनुज्ञा लेने के बाद बैंक से लोन लेकर रिसॉर्ट का निर्माण कराया है। इनका दावा है कि उन्होंने न तो गौचर भूमि पर उनका कब्जा है, और न ही शासकीय भूमि पर। आरोप यह भी है कि, परेशान करने की नीयत से झूठी शिकायत करके उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। पूर्व में कुछ लोगों ने उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश भी की है।

रिसॉर्ट में बेदखली का नोटिस एक अप्रैल को हुआ चस्पा-एसडीएम

एसडीएम बन सिंह नेताम ने कहा कि, जनदर्शन में दिनेश राय ने शासकीय भूमि पर कब्जा करने संबंधी शिकायत की थी, उसी के आधार पर अभी अतिक्रमित जमीन का चिन्हांकन किया राजस्व की टीम के साथ किया गया है। इन्हें तहसीलदार के न्यायालय से बेदखली का आदेश प्राप्त हो गया है। इस आदेश के खिलाफ किसी प्रकार का स्थगन आदेश रिसॉर्ट के संचालक ने प्राप्त नहीं किया है। इनके द्वारा दो दिन का समय लिखित में आवेदन देकर मांगा गया है, वे अपने स्वामित्व की भूमि की सीमा का मिलान करना चाह रहे हैं, और अतिक्रमित भूमि से स्वयं कब्जा हटा लेने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि, बीते एक अप्रैल को बेदखली का नोटिस रिसॉर्ट में चस्पा किया गया था, इसीलिए अतिक्रमण हटाने के पूर्व चिन्हांकन की कार्रवाई करने के लिए वे टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे।

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