मंत्री रामविचार नेताम एफआइआर दर्ज कराने आवेदन लेकर पहुंचे कोतवाली थाना

अंबिकापुर। कांग्रेस पार्टी द्वारा केन्द्रीय गृहमंत्री मंत्री अमित साह का फर्जी वीडियो प्रसारित कर अफवाह फैलाने एवं समाज में विद्वेष फैलाकर वोट प्राप्त करने के उद्देश्य से अपमान कारक वीडियो का प्रसारण सोशल मीडिया पर करने के संबंध में अपराध दर्ज करने कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कोतवाली थाना अंबिकापुर में आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन में उन्होंने तेलगांना प्रदेश के कांग्रेस पार्टी के सदस्य व पदाधिकारी तथा नेशनल काग्रेस पार्टी के शरदचंद्रजी पवार को आरोपी बनाते हुए कहा है कि इनके द्वारा अधिकारिक रूप से सोशल मीडिया पर फर्जी कट-पेस्ट वीडियो वायरल किया गया है।

प्रस्तुत आवेदन में बताया गया है कि विगत दिनों तेलंगाना प्रवास के दौरान गृह मंत्री अमित साह चुनाव प्रचार में गए थे। उनका वास्तविक वीडियो जो भाषण दिया गया है उक्त भाषण एनडी टीवी पर उपलब्ध है, जिसे तेलंगाना कांग्रेस विंग द्वारा अपने अधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से केन्द्रीय गृह मंत्री अमित साह का एक कूटरचित वीडियो प्रसारित किया गया है, जिससे उनके मूल भाषण में कूटरचना कर यह दर्शाया गया है। उनके द्वारा कहा जा रहा है कि यदि उनकी सरकार बनी तो वह आरक्षण को समाप्त कर देंगे। वीडियो में छेड़-छाड़ की गई है, उसका मूल रूप भी उपलब्ध है, जिसमें गृहमंत्री जी वास्तव में कह रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी तो हम गैर संवैधानिक मुस्लिम रिजर्वेशन को समाप्त कर देंगे, यह अधिकार तेलगांना के एससी, एसटी, ओबीसी का है, वो अधिकार उनको मिलेगा और मुस्लिम रिजर्वेशन को हम समाप्त कर देगें। उल्लेखनीय है, कि धर्म के आधार पर संविधान में आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है तथा केन्द्रीय गृह मंत्री का भाषण इसी परिप्रेक्ष्य में था, किन्तु तेलगांना कांग्रेस के द्वारा गृह मंत्री के वास्तविक बयान में कुटरचना कर उपरोक्त बयान के वास्तविक वक्तव्य को ही बदल दिया गया और आरक्षण के विषय में गलत बातें जोड़ दी गई। तेलगांना काग्रेस अपने अधिकारिक सोशल मिडिया प्लेटफार्म में प्रसारित विडियो वायरल होने के बाद इसे डिलिट कर दी। कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने षड्यंत्र के तहत इस विडियो को वायरल किया और देश के एससी, एसटी तथा ओबीसी समाज में व्यापक रूप से आरक्षण जैसे संवेदनशील संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी तथा केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरूद्ध भ्रम एवं अफवाह फैलाई गई। इससे समाज में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो सकती है। उपरोक्त कृत्य निर्वाचन आचार संहिता के विपरीत एवं कायराना पूर्ण कृत्य है, जो मतदाताओं को विधि विरुद्ध तरीके से संविधान के विपरीत प्रभावित करने का प्रयास व भारतीय दण्ड संहिता तथा आईटी एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने अंबिकापुर कोतवाली टीआई से मांग की है उपरोक्त तथ्यों को गंभीरता से संज्ञान में लेकर तेलगांना काग्रेस पार्टी के पदाधिकारी एवं उत्तरदायी नेताओं, इनके अधिकारिक सोशल मिडिया प्लेटफार्म के संचालकों एवं फर्जी विडियो को प्रसारित करने वाले व उसे डिलिट करने वाले कार्यकताओं के विरूद्ध तथा अन्य दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध धारा 153, 153-ए, 465, 469,171-सी भारतीय दण्ड संहिता एवं धारा 66 सूचना प्रोद्योगिकी अधिनियम अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध करते हुए दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

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