पण्डो जनजाति के ग्रामीण कलेक्टर के जनदर्शन में पहुंचे, कार्रवाई की मांग

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के लखनपुर तहसील में विशेष पिछड़ी जनजाति पण्डो समाज की पुश्तैनी कृषि भूमि पर बाहरी लोगों द्वारा कब्जा करने और खेती से रोकने का मामला सामने आया है। मंगलवार को कलेक्टर के जनदर्शन में काफी संख्या में पहुंचे पण्डो समाज के लोगों ने कलेक्टर सरगुजा को आवेदन देकर शांतिपूर्ण खेती के लिए संरक्षण देने और बाहरी लोगों के द्वारा किये जा रहे हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की है।

ग्राम पंचायत मांजा, राजाकटेल के निवासी पण्डो समाज के लोगों ने कलेक्टर को सौंपे आवेदन में बताया है कि पटवारी हल्का नंबर 22 की खसरा नंबर 1, 3 एवं 44, 304 की भूमि उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि है। इस जमीन पर कई पीढ़ियों से उनका परिवार काबिज है और राजस्व अभिलेख में उनके पूर्वजों के नाम दर्ज है। 21-22 जून को वे अपनी पुश्तैनी जमीन में जोताई का काम कर रहे थे। इसी दौरान बाहर से आए कुछ लोगों ने उन्हें खेती करने से रोक दिया। इससे गांव में तनाव और विवाद और गांव में शांति भंग होने जैसी स्थिति बनने की संभावना प्रबल है। ग्रामीणों ने बताया है कि उक्त चारों खसरा नम्बर की भूमि पर वर्तमान में भी पण्डो समाज कृषि कार्य कर रहा है। कुछ बाहरी लोगों के द्वारा जबरन विवाद करने से कभी भी अप्रिय स्थिति निर्मित होने की संभावना है। बता दें कि, पण्डो समाज के लोग छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजाति के अंतर्गत आते हैं। राष्ट्रपति द्वारा अधिसूचित 75 पीवीटीजी में शामिल इस समुदाय की आजीविका मुख्य रूप से कृषि और वनोपज पर निर्भर है। सरकार इनके विकास के लिए विशेष योजनाएं चलाती है, इधर बाहरी लोगों की इनके आजीविका के संसाधनों पर नजर रहने से वे परेशान हैं।  

कलेक्टर से की गई मांग

सैकड़ों की संख्या में पण्डो जनजाति के महिला-पुरूषों के साथ पहुंचे समाज के जिला कार्यवाहक अध्यक्ष सनमान पण्डो ने कलेक्टर सरगुजा से पुश्तैनी भूमि पर शांतिपूर्ण ढंग से कृषि करने के लिए प्रशासनिक संरक्षण देने का आग्रह किया है। इन्होंने बताया है कि, उभय पक्ष भविष्य में किसी प्रकार का हस्तक्षेप न करे, इसके लिये ठोस पहल की जाये, ताकि वे शांतिपूर्वक अपनी कब्जे की भूमि पर खेती-किसानी कर सकें। इन्होंने बताया है कि, बरसात का मौसम शुरू होते ही खेती का काम वे शुरू कर देते हैं। यदि विवाद जैसी स्थिति बनी रही तो पण्डो परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।

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