क्षत्रिय महासभा ने आईजी सरगुजा रेंज को सौंपा ज्ञापन

अंबिकापुर। कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के ग्राम नौगई में हुये जघन्य हत्याकांड को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने मोर्चा खोल दिया है। महासभा की सरगुजा जिला इकाई ने पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज को सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष, त्वरित और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

बता दें कि, ग्राम नौगई में घटित हृदयविदारक घटना में भरत सिंह (लल्ला), नागेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह की मृत्यु हो गई, जबकि मयंक सिंह व योगेन्द्र सिंह गंभीर रूप से घायल हुये हैं। महासभा ने कहा है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह घटना सुनियोजित षड्यंत्र, मार्ग अवरोध कर वाहन में ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने, इसके उपरांत घातक हथियारों से हमला जैसा प्रतीत होता है।

क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष अनिल सिंह की ओर से सौंपे गये ज्ञापन में मांग की गई है, घटना की जांच संपूर्ण प्रकरण की निष्पक्ष, त्वरित एवं उच्चस्तरीय जांच वरिष्ठ अधिकारी या विशेष जांच दल से कराई जाये। जांच के दौरान यदि नामजद आरोपियों के अलावा अन्य की संलिप्तता सामने आती है, तो विरूद्ध तत्काल वैधानिक कार्रवाई और गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाये। घटनास्थल से जब्त वाहनों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका क्या रही, इसकी भी जांच की जाये। यदि किसी अधिकारी-कर्मचारी के द्वारा जांच या कथन में जातिसूचक, पक्षपातपूर्ण या अनुचित व्यवहार किया गया हो तो इसकी निष्पक्ष जांच करके विभागीय कार्रवाई की जाये। पीड़ित परिवार और गवाहों को दबाव-मुक्त रखने के लिए सुरक्षा प्रदान किया जाये, ताकि वे भय अथवा किसी प्रभाव में न आने पायें। प्रकरण की जांच एवं कार्रवाई की प्रगति से पीड़ित पक्ष को नियमानुसार अवगत कराया जाये। आरोपी स्थानीय निवासी हैं, इसे देखते हुये निष्पक्ष जांच, गवाहों एवं पीड़ितों की सुरक्षा के मद्देनजर आरोपियों को अन्यत्र कारागार, सेंट्रल जेल में स्थानांतरित किये जाने पर विधिसम्मत विचार किया जाये। महासभा ने कहा है कि, इस घटना से केवल पीड़ित परिवार नहीं, बल्कि सम्पूर्ण समाज में भय एवं असुरक्षा की भावना उत्पन्न हुआ है। अल्टीमेटम दिया है कि यदि उचित समयावधि में कार्रवाई नहीं हुई तो समाज लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण एवं वैधानिक रूप से ज्ञापन, धरना, जनजागरण अथवा अन्य जन-अभिव्यक्ति कार्यक्रम आयोजित करने को बाध्य होगा।

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