कलेक्टर के जनदर्शन में पहुंचे दंपति, आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के लुंड्रा तहसील अंतर्गत 80 साल के अशिक्षित बुजुर्ग की करोड़ों की जमीन धोखाधड़ी करके हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित वीर नारायण, निवासी ग्राम-बुलगा, ने कलेक्टर सरगुजा के जनदर्शन में आवेदन देकर भू-माफियाओं के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करके वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है, जिन्होंने कुछ साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया है।

आवेदन के अनुसार, वीर नारायण की उम्र 80 वर्ष है, वे अशिक्षित और नि:संतान हैं। आरोप है कि परमदास पिता चन्नू दास (32), जितेन्द्र यादव पिता शिवप्रसाद यादव (38), इस्लाम अंसारी पिता शेर मोहम्मद अंसारी (45), दोनों निवासी ग्राम बटवाही ने उनकी शारीरिक व मानसिक स्थिति का फायदा उठाया, और धोखाधड़ी, कूटरचना करते हुये फर्जी मुख्तारनामा और रजिस्ट्री बनवाई है। जमीन के साथ ही लाखों रुपये हड़पने का भी आरोप उन्होंने लगाया है। इन्हें शिकायत करने पर जान से मारने और घर तोड़ने की धमकी दी गई है।

केवाईसी कराने ले गये कलेक्ट्रेट, लगवाया अंगूठा  

बुजुर्ग का आरोप है कि, उन्हें प्रधानमंत्री किसान निधि की राशि की केवाईसी कराने के नाम पर कलेक्टोरेट कार्यालय अंबिकापुर में स्थित पंजीयक कार्यालय लाया गया था, और जमीन संबंधी कागजात में सुधार कराने की बात कहकर वास्तविक तथ्यों से अनभिज्ञ रखते हुये कुछ पन्नों में अंगूठा लगवा लिया, और धरमदास ने अपने नाम पर मुख्तारनामा बनवा लिया। ऋण पुस्तिका से छेड़छाड़ करके उसका पन्ना फाड़ दिया गया, और राजस्व अभिलेखों में जमीन अपने नाम कर ली। आवेदक के अनुसार ग्राम-बुलगा के प.ह.नं. 24, तहसील-लुंड्रा में उनकी कुल 1.213 हेक्टेयर जमीन पर फर्जी तरीके से कब्जा कर लिया गया है।

बॉयोमेट्रिक रिकार्ड, रजिस्ट्री जब्त करके करें जांच

पीड़ित बुजुर्ग ने कलेक्टर सरगुजा से निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच करके भू-माफियाओं के विरूद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने और वैधानिक कार्रवाई करके फर्जीवाड़ा की जांच करके भूमि का मालिकाना हक वापस दिलाने और अपनी पत्नी के सुरक्षा की मांग की है। साथ ही जांच प्रक्रिया पूरी होने तक विवादित भूमि के हस्तांतरण पर रोक लगाने, फर्जी मुख्तारनामा, रजिस्ट्री, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, फोटो-वीडियो और पंजीयन अभिलेख जब्त करने, क्षतिपूर्ति एवं हर्जाना दिलाने का आग्रह किया है। बुजुर्ग ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का भी इस ओर ध्यानाकर्षण कराया है।

किसान सम्मान निधि नहीं मिलने पर हुआ संदेह

बुजुर्ग वीरनारायण का आरोप है कि भूमि के कागजातों में सुधार और अन्य कार्यों के नाम पर उससे वर्षों की जमापूंजी भी हड़प ली गई। उसे कब जमीन बिक गया, रजिस्ट्री और हस्तांतरण हो गया, यह भी पता नहीं है, न ही इसके एवज में उसे किसी प्रकार की राशि प्राप्त हुई है। बुजुर्ग को जब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि मिलनी बंद हो गई, तो संदेह हुआ और राजस्व अभिलेखों की वह जांच कराया। इसके बाद पता चला कि उक्त भूमि का मालिक अब कोई और है। कूटरचना में शामिल लोगों ने इनके कच्चे मकान को तोड़ने और गांव से भगाने की धमकी दी है, जिससे वे भयभीत हैं। मामला सामने आने के बाद दंपति और ग्रामीणों ने प्रशासन से भू-माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

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