रायपुर। वाहन मालिकों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार ने 1 अप्रैल 2019 से पूर्व के सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट अनिवार्य कर दिया है। छत्तीसगढ़ में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाने का काम बेहद धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। परिवहन विभाग को 52 लाख से ज्यादा पंजीकृत वाहनों में एचएसआरपी लगानी थी, लेकिन 10 महीनों में सिर्फ 20 प्रतिशत यानी 7.45 लाख वाहनों में ही प्लेट लगाई जा सकी है। अब भी करीब 45 लाख वाहन बिना एचएसआरपी के सड़कों पर दौड़ रहे हैं।

लक्ष्य नहीं हो पाया हासिल
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही इस प्रक्रिया को एक अप्रैल 2025 तक पूरा करना था। लेकिन टेंडर प्रक्रिया में देरी और धीमी रफ्तार की वजह से लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया। फिलहाल 3.40 लाख नंबर प्लेट बनाने का ऑर्डर दिया गया है।

आगे बढ़ी कार्यवाही की तिथि
परिवहन विभाग और राज्य पुलिस ने 1 अक्टूबर से बिना एचएसआरपी वाले वाहनों पर 1,000 रुपये का चालान काटने की तैयारी की थी। लेकिन रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की धीमी गति को देखते हुए फिलहाल इस तिथि को आगे बढ़ा दिया गया है।

कैंप और जागरूक अभियान से बढ़े आवेदन
आरटीओ और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने कैंप लगाकर और पिछले दो महीनों तक लगातार अभियान चलाकर सड़क पर वाहनों को रोककर फार्म भरवाए। जागरूकता अभियान का असर यह हुआ कि बड़ी संख्या में वाहन मालिक चालानी कार्रवाई से बचने के लिए आवेदन कर रहे हैं। सिर्फ रायपुर जिले में ही लगभग एक लाख वाहन मालिकों ने एचएसआरपी के लिए आवेदन किया है।

पुराने वाहन बने चुनौती
प्रदेश में 15 साल से ज्यादा पुराने 6,000 से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 1,200 दोपहिया, 3,000 चारपहिया और 1,800 मालवाहक वाहन शामिल हैं। इनमें से कई अब भी बिना एचएसआरपी और कुछ बिना पंजीकरण के सड़कों पर चल रहे हैं।

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