10 दिवसीय शारदीय नवरात्रि शुरू, मंदिरों में उमड़े भक्त, जले आस्था के दीप
अंबिकापुर। शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ 22 सितंबर, सोमवार को हुआ, इसके साथ ही कलश स्थापना और नवदुर्गा की पूजा प्रारंभ हुई। शारदीय नवरात्रि में 9 दिनों तक मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा करने का विधान है। इस बार शारदीय नवरात्रि 10 दिनों की है। 11वें दिन मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।
शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन जिले के समस्त देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। सरगुजा की आराध्य मां महामाया मंदिर के अलावा मां दुर्गा शक्तिपीठ गांधी चौक, मां समलाया मंदिर, मां काली मंदिर बाबूपारा, चोपड़ापारा, शंकरघाट, सांडबार मंदिर, लुचकी घाट सहित अन्य मंदिरों में भक्तों ने श्रद्धा अर्पण किया। मंदिरों में अलसुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी थी। घरों में भी पूजन की तैयारियां मातारानी के भक्तों ने की थी। कई भक्त नवरात्रि की पहली, अष्टमी या नवमी को या फिर पूरे नौ दिन व्रत रखकर विधि-विधान से माता की पूजा करेंगे। पंडालों में भी मां दुर्गा की आकर्षक प्रतिमाएं जगह-जगह स्थापित की गई हैं। यहां भी विधिवत पूजा-पाठ का दौर देर शाम तक चला। मंदिरों में दोपहर 12 बजे के बाद अखंड मनोकामना दीप प्रज्जवलित किए गए। नवरात्रि पर्व को लेकर शहर सहित जिले भर में भक्तों के बीच अलग ही उत्साह देखने को मिला। मंदिरों के बाहर तक भक्तों की लंबी कतारें अलसुबह से लग गई थी। कई भक्त जय माता दी का उद्घोष करते मंदिर तक पैदल पहुंचे। नवरात्रि के प्रथम दिवस सोमवार को देवी दुर्गा की पहली शक्ति मां शैलपुत्री की पूजा करके भक्तों ने सुख-शांति, धन, वैभव और यश की कामना की। मंदिरों में भक्तों के श्रद्धा अर्पण का क्रम दिनभर जारी रहा। श्रद्धालुओं ने माता की आराधना के साथ पूजा, व्रत का संकल्प लिया। अलसुबह हुई आरती में भी सैकड़ों की संख्या में भक्त विभिन्न मंदिरों में शामिल हुए। भक्तों ने मां दुर्गा के चरणों में पुष्प, नारियल, चुनरी, धूप और प्रसाद अर्पित किया। मंदिरों में दुर्गा सप्तशती के पाठ का क्रम शुरू हुआ। इसके अलावा भजन संध्या सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे।
पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
अंबिकापुर सहित जिले भर में देवी मंदिरों, धामों में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के साथ ही किसी प्रकार की असामाजिक हरकत न हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है। शहर के मंदिरों में प्रबंधन की ओर से तैनात किए गए वालेंटियर भी भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका ख्याल रख रहे हैं। मंदिरों में सुरक्षा की दृष्टि से अतिरिक्त सीसीटीव्ही कैमरे भी निगरानी के लिए लगाए गए हैं।
10 दिन की नवरात्रि, विजयादशमी 2 अक्टूबर को
पंचांग के अनुसार, इस बार शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू हुई है और 1 अक्टूबर को महानवमी के हवन के साथ इसका समापन होगा। 2 अक्टूबर को विजयादशमी और शारदीय नवरात्रि का पारण होगा। शास्त्रों के अनुसार 9 दिनों की नवरात्रि को शुभ फलदायी माना जाता है, जबकि 10 दिनों की शारदीय नवरात्रि को विशेष फल देने वाला माना गया है। शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि से और समापन आश्विन शुक्ल नवमी, यानि महानवमी को होता है। इस साल शारदीय नवरात्रि में तृतीया तिथि दो दिन है, इस वजह से शारदीय नवरात्रि 9 दिनों का न होकर 10 दिनों का है।

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