सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान, आरोपी मेडिकल कॉलेज अस्पताल का चलाता था एम्बुलेंस

अंबिकापुर। राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध जिला अस्पताल अंबिकापुर से चोरी हुई संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस की गुत्थी सुलझाने में पुलिस सफल हुई। आरोपी मेडिकल कॉलेज अस्पताल का एम्बुलेंस चालक है, जो इसके पहले दरिमा के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर से भी चोरी गई एम्बुलेंस के मामले में संलिप्त रहा है। मणीपुर थाना पुलिस ने सतत प्रयास और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने एम्बुलेंस चोरी करना स्वीकार किया है, और एम्बुलेंस को बेचने की साजिश में शामिल अन्य साथियों का भी पर्दाफास किया है। अन्य फरार आरोपियों के तलाश में पुलिस लगी है।

जानकारी के मुताबिक एम्बुलेंस संचालन का दारोमदार देखने वाले जिला प्रबंधक संदीप कुमार यादव निवासी गोधनपुर ने थाना मणीपुर में शिकायत दर्ज कराया था कि एम्बुलेंस क्रमांक सीजी 02-6563 को चालक भुनेश्वर कुमार 10 जुलाई को स्टेयरिंग जाम होने की वजह से मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मुख्य भवन के सामने स्थित एमसीएच परिसर में नक्कीपुरिया वार्ड के पास पार्क किया था। 17 जुलाई को एम्बुलेंस देखने पहुंचे तो वहां नहीं थी। आसपास पूछताछ करने के बाद भी एम्बंलेंस के बारे में कुछ पता नहीं चला, इसके बाद थाने में मामला दर्ज कराया गया था। प्रकरण में पुलिस ने धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध किया था, और विवेचना कर रही थी। अस्पताल परिसर के सीसीटीव्ही फुटेज का बारीकी से जांच करने के दौरान एक रिकवरी वैन एम्बुलेंस को ले जाते हुए नजर आई। पुलिस ने संदेह के आधार पर मो. इब्राहिम अंसारी पिता मो. इस्माइल अंसारी (32 वर्ष), निवासी मोमिनपुरा, हरसागर तालाब के पास, थाना कोतवाली अंबिकापुर को हिरासत में लिया और पूछताछ की, तो उसने न सिर्फ मेडिकल कॉलेज अस्पताल से एम्बुलेंस चोरी करने की बात स्वीकार किया, बल्कि यह भी कबूला कि दरिमा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से भी एक एम्बुलेंस चोरी करके उसे अपने अन्य साथियों को वह बेच दिया है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त होंडा मोटरसायकल, मोबाइल फोन, 5 हजार रुपये नकद और एम्बुलेंस के कुछ टूटे-फूटे हिस्से को बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया। दरिमा थाने में भी आरोपी के विरुद्ध धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में शामिल अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयासरत है। पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी मणीपुर निरीक्षक अश्वनी सिंह, सहायक उप निरीक्षक शौकी लाल चौहान, धीरज गुप्ता, आरक्षक सत्येंद्र दुबे, उमाशंकर साहू, अनिल सिंह, राहुल सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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