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अंबिकापुर। मेडिकल स्टोर में नारकोटिक दवा की अवैध रूप से बिक्री के मामले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन एवं सरगुजा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा कार्रवाई के बाद मेडिकल स्टोर का औषधि अनुज्ञप्ति लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। पूर्व में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मेडिकल स्टोर संचालक को जेल भेजा था। मेडिकल दुकान का संचालन राजेन्द्र मिश्रा के द्वारा किया जा रहा था।

नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए सरगुजा पुलिस संदेहियों पर नजर रख रही है। इसी तारतम्य में पुलिस की नजर नशे के रूप में टेबलेट, इंजेक्शन का उपयोग करने वालों पर भी है। पुलिस नशीली दवाओं के आपूर्तिकर्ताओं तक पहुंच बनाने में लगी है। पुलिस की नजर शहर के एक मेडिकल दुकान पर थी। बीते 15 मार्च को सरगुजा पुलिस एवं खाद्य एवं औषधि प्रशासन सरगुजा की संयुक्त टीम ने प्रतापपुर नाका रोड में स्थित मिश्रा मेडिकल स्टोर का औचक निरीक्षण किया तो यहां काफी मात्रा में नारकोटिक दवा का भंडारण मिला, जिसे नशेड़ियों को बेचने के लिए रखा गया था। निरीक्षण टीम ने मुखबिर को मेडिकल स्टोर में नारकोटिक दवा की खरीदी के लिए भेजा गया था, जिसे मिश्रा मेडिकल दुकान के संचालक ने बिना किसी वैध चिकित्सक कीे पर्ची के बिना, वैध फार्मासिस्ट के अनुपस्थिति में दे दिया गया। इसके बाद निरीक्षण टीम उक्त मेडिकल स्टोर में पहुंची और मुखबिर द्वारा दिए गए नोट को मिश्रा मेडिकल स्टोर से बरामद किया था। पुलिस ने मेडिकल स्टोर के संचालक का पक्ष लिया, परन्तु संतोषप्रद जवाब नहीं मिला। पुलिस ने मिले साक्ष्यों के आधार पर नारकोटिक दवा के संबंध में कोई रजिस्टर संधारित होना नहीं पाया, साथ ही नारकोटिक दवा लाने एवं बेचने के संबंध में भी दवा दुकान संचालक द्वारा कोई वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया, जिस पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन कार्यालय जिला सरगुजा ने नियमों का उल्लंघन व घोर अनियमितता पाए जाने पर मेमर्स मिश्रा मेडिकल दुकान को जारी औषधि अनुज्ञप्ति लाइसेंस को निरस्त कर दिया है। पुलिस की नजर अन्य मेडिकल स्टोरों पर भी है, जो प्रतिबंधित दवाओं को बिना किसी डॉक्टरी पर्ची के बेचने में लगे हैं।

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