*6.5 हजार रिश्वत लेते भू-राजस्व कार्यालय का अनुरेखक गिरफ्तार*
*चौहद्दी नक्शा काटने के एवज में ग्रामीण से किया था रकम की मांग*
सूरजपुर। एन्टी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बुधवार को जिला मुख्यालय के भू-राजस्व कार्यालय में पदस्थ अनुरेखक को साढ़े छः हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। रिश्वतखोर अनुरेखक ने भूमि की चौहद्दी नक्शा काटने के एवज में जिले के प्रतापपुर क्षेत्र के ग्राम खैरागढ़ निवासी सौरभ सिंह से रिश्वत की मांग किया था और
तय रकम 8 हजार रुपये के दूसरी क़िस्त साढ़े छह हजार लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो के हत्थे चढ़ गया। बताया गया है कि
प्रार्थी सौरभ सिंह आडिल ग्राम खैरागढ़, तहसील प्रतापपुर के द्वारा एन्टी करप्शन ब्यूरो, अम्बिकापुर में शिकायत की गई थी कि ग्राम खैरागढ़ में उनके पिताजी के नाम पर संयुक्त खाते की पैतृक भूमि है। जिसका पारिवारिक बंटवारा किये जाने हेतु उक्त भूमि के पुराने चौहद्दी नक्शा की आवश्यकता थी। जिसके कारण वह सूरजपुर भू-अभिलेख शाखा में पदस्थ अनुरेखक (भू-अभिलेख) प्रमोद नारायण यादव से मुलाकात किया। जिस पर उसके द्वारा भूमि की चौहद्दी नक्शा काटने के एवज में 10 हजार रूपये रिश्वत की मांग की गई थी। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था बल्कि आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। शिकायत सत्यापन दौरान आरोपी अनुरेखक द्वारा मोलभाव करने पर 8 हजार रूपये रिश्वत लेने सहमत हो गया और 14 सौ रूपये एडवांस के रूप में ले लिया। बुधवार को ट्रेप आयोजित कर आरोपी अनुरेखक भू-अभिलेख प्रमोद नारायण यादव को 6,5 हजार रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम द्वारा
आरोपी को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के प्रावधानों के तहत् कार्यवाही गई।ज्ञात हो कि जिले के सरकारी दफ्तरों में खासकर राजस्व विभाग में रिश्वतखोरी का धंधा चरम पर है। छोटे मोटे काम भी लोगो का तभी हो पाना सम्भव है जब सम्बंधित कर्मचारी को सुविधा शुल्क, वो भी उसके द्वारा तय रकम के अनुसार मिले तभी हो पाता है। सुविधा शुल्क के आभाव में समन्धित व्यक्ति दफ्तरों के चक्कर लगाते लगाते थक जाता है मगर मजाल है कि उसका काम हो जाए। जरूरतमंद व्यक्ति मजबूरी में रिश्वत देकर अपना काम कराते है। जिले के सरकारी दफ्तरों में सिस्टम बन चुके इस घूसखोरी के गोरखधंधे पर अंकुश लगाने लगातार शिकायतों पर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम कार्रवाई कर घूसखोर कर्मचारियों को उनके अंजाम तक पहुंचा रही है। परंतु लगातर हो रही कार्रवाई के बाद भी रिश्वतखोर कर्मचारियों पर कोई खास असर नहीं पड़ रहा है और वे लोगो की मजबूरी का नाजायज फायदा उठाकर अपना धंधा चला रहे है। जिले में एकाद विभाग के अधिकारी तो ऐसे भी है जो रिश्वतखोरी के लिए दलाल पालकर रखे है और उसके माध्यम से लेनदेन चल रहा है।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में पटवारी रिश्वत लेते गिरफ्तार
बलरामपुर। प्रियांशु दुबे, निवासी ग्राम पंडरी, रघुनाथनगर ने एन्टी करप्शन ब्यूरो, अंबिकापुर में शिकायत दर्ज कराया था कि उनके पिता विजय कुमार दुबे एवं बड़े पिता पारसनाथ दुबे के संयुक्त नाम से राजस्व रिकार्ड में ग्राम पंडरी में पैतृक भूमि दर्ज है। उक्त भूमि का आपसी सहमति से खसरा एवं नक्शा बंटवारा कर अभिलेख दुरूस्त कर ऋण पुस्तिका प्रदान करने के लिए ग्राम पंडरी के पटवारी मोहन राम से मुलाकात करने पर उनके द्वारा उक्त कार्य करने के एवज में 13 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था बल्कि आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। शिकायत सत्यापन पश्चात 10.09.2025 को ट्रेप आयोजित कर प्रार्थी से पटवारी मोहन राम को 13 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी के विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के प्रावधानों के तहत् कार्रवाई की जा रही है।

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