*आरोपी क्रिकेट मैच में करोड़ों का सट्टा लगाकर अवैध धन अर्जित करने में रहा शामिल*
*आरोपी द्वारा अपना एवं अपने जानपहचान के लोगों से धोखाधड़ी करके उनका खाता, एटीएम, चेक बुक, मोबाइल नंबर लेकर अवैध सट्टे के धंधे में कर रहा था रकम लेन देन*
अंबिकापुर। सट्टा के कारोबार में लंबे समय से फरार चल रहे मास्टरमाइंड सटोरिए को पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार किया है। आरोपी क्रिकेट मैच में सट्टा लगाकर कई खाताधारकों के नाम फर्जी खाता खुलवाकर करोड़ का लेन देन किया था। जानकारी के मुताबिक 13 मई को थाना कोतवाली पुलिस पेट्रोलिंग टीम को पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि तीन सटोरिए आयुष सिन्हा उर्फ़ दीप सिन्हा, अमित मिश्रा उम्र पहलू, शुभम केशरी मिलकर अपने सम्पर्क एवं जान पहचान के लोगो को स्काई एक्सचेज लिंक भेजकर आईपीएल मैच गुजरात टाइटन्स व कोलकता किंग राइडर्स के बीच चल रहे टी-20 मैच में ऑनलाइन सट्टा खेलने व खेलाने का काम कर रहे हैं। पुलिस टीम द्वारा सूचना पर त्वरित कार्रवाई की तो तीन संदिग्ध मोबाइल ऑपरेट करते हुए मिले। तीनो संदिग्ध ने पूछताछ करने पर अपना नाम आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा, अमित मिश्रा उर्फ़ पहलू, शुभम केसरी सभी निवासी सत्तीपारा शिव मंदिर के पास का होना बताया। आरोपी अमित मिश्रा ऊर्फ पहलू से जप्त एप्पल मोबाइल आईफोन-15 से वाट्स अप ऐप में किए गए चैट, फोन पे ऐप में लेन देन संबंधी सट्टा खेलने व खेलाने का साक्ष्य मिलने पर पुलिस आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा से सट्टा खेलने व खेलाने वाले लोगों द्वारा दिए गए एटीएम कार्ड तथा शुभम केशरी से हार जीत का लेखा जोखा रखने से संबंधित सट्टा खेलने व खेलाने वाले लोगों का पासबुक व चेक बुक तथा मोबाइल जिसमें सट्टा खेलने वाले लोगों का फोन पे एप्लीकेशन डाउनलोड कर पैसे का लेन देन किया जाता था, जप्त किया। तीनों आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 19 मोबाइल फोन, 03 पासबुक, 02 चेक बुक, 21 एटीएम कार्ड एवं 20 हजार 100 रुपये नगद व अन्य दस्तावेज बरामद कर थाना कोतवाली में पूर्व में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7, 8 का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। आरोपीगण द्वारा अन्य लोगों का आधार कार्ड लेकर फर्जी तरीके से बैंक एकाउट खोलवाकर उसका उपयोग सट्टा खेलने व खेलवाने में रकम लेन-देन हेतु उपयोग करना पाए जाने पर प्रकरण में धारा 467, 468, 471, 120 (बी), भादवि एवं 66(सी), 66(डी) आईटी एक्ट का अपराध पाये जाने से उपरोक्त धारा के तहत कार्रवाई की गई। दौरान जांच विवेचना मामले में पूर्व में आरोपी ऋतिक मंदिलवार उर्फ़ बमफोड़, नितिन यादव, अमित कुमार मिश्रा उर्फ़ पहलू एवं ध्रुवील पटेल, मुकेश त्रिपाठी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। अग्रिम विवेचना में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल द्वारा साइबर एवं थाना कोतवाली पुलिस टीम को अन्य फरार आरोपियों का पता तलाश कर कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया था। इसी क्रम मे साइबर सेल पुलिस टीम द्वारा मामले के आरोपी सत्यम केशरी पिता उदय प्रसाद केशरी 26 वर्ष निवासी सत्तीपारा अंबिकापुर को गिरफ्तार किया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक मनीष सिंह परिहार, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान व विकास सिन्हा, आरक्षक अनुज जायसवाल, मनीष सिंह, राहुल केरकेट्टा, अमन पुरी, रमेश राजवाड़े, अशोक यादव सक्रिय रहे।

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