प्रतापपुर वन परिक्षेत्र का मामला, बिजली तार का फंदा बनाकर तीन चीतलों का शिकार

गिरिजा ठाकुर

अंबिकापुर। प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के सोनगरा काशदोहर जंगल में जंगली हिरण, कोटरा, सांभर का शिकार करने के लिए बिजली तरंगित तार का 50 से अधिक फंदा बनाकर चीतलों का शिकार करने के मामले में वन विभाग की टीम ने नौ शिकारियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से वन्य जीवों का चमड़ा, सिर, सींग बरामद करने में टीम को बड़ी सफलता पाई है। इनके पास से चीतल का मास व इन्हें काटने में प्रयुक्त औजार बरामद किया गया है।
वन अधिकारियों ने बताया कि बिजली करंट की चपेट में आए तीन बड़े चीतल फंस गए थे। शिकारियों ने चीतलों को काटकर शरीर से चमड़ा अलग कर दिया था और जंगल में ही मांस पकाकर खाए थे। इसके बाद बचे चीतलों का गर्दन, सिर, चमड़ा, पैर, मांस जंगल से लेकर आ रहे थे। चीतलों के शिकार की सूचना पर वन विभाग की टीम आरोपियों के तलाश में थी। शनिवार की सुबह वन विभाग की सर्चिंग टीम ने इन्हें जंगल क्षेत्र की घेराबंदी करके काफी मशक्कत के बाद दबोचा। सर्चिंग टीम ने चीतल का सिर बरामद किया है। आरोपियों को कब्जे में लेने के बाद प्रतापपुर वन परिक्षेत्र कार्यालय में लाकर कड़ी पूछताछ की गई। डीएफओ पंकज कमल एवं उप वनमंडलाधिकारी आशुतोष भगत के दिशा-निर्देश में वन परिक्षेत्राधकारी विनय टंडन ने उक्त कार्रवाई की है। आरोपियों को वन प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा के तहत वन अपराध का प्रकरण दर्ज करते हुए न्यायालय में पेश किया गया, यहां से इन्हें जेल भेज दिया गया।
इन आरोपियों की गिरफ्तारी
वन विभाग की टीम ने पतिराम 65 वर्ष निवासी कासदोहर, छोटू पिता सर्जन 25 वर्ष निवासी गौरा, चेतन उदराज 28 वर्ष निवासी कल्याणपुर, चमर साय 52 वर्ष निवासी गौरा, नंदकुमार वचन राम 23 वर्ष व आत्मा जगमोहन 22 वर्ष द्वय निवासी चंद्रपुर, राम प्रसाद पिता बोलचू राम 55 वर्ष निवासी हरिहरपुर, विफल राम पिता लव 60 वर्ष निवासी पासदोर, मोहन उर्फ तेजू पिता रामभरोस 23 वर्ष निवासी हरिपुर को गिरफ्तार किया है।
कार्रवाई में शामिल टीम
वन विभाग के द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई में वनमंडलाधिकारी पंकज कमल के मार्गदर्शन में उप वनमंडलाधिकारी आशुतोष भगत, वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रतापपुर विनय टंडन, विष्णु गिरी, आशीष कुमार साहू, मिलन सिंह चौहान, अशोक गुप्ता, अनिल ने मुख्य भूमिका निभाई।

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