कर्मचारियों की तरह कार्यालय में काम निपटा रहे दलाल, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर जमकर वसूली

बलरामपुर। जिला मुख्यालय का परिवहन विभाग लगातार एक से बढ़कर एक कारनामों को लेकर सुर्खियों में रहता है। परिवहन सेवा केेंद्रों की स्थापना के बाद दलालों के कारण यह विभाग पुन: सुर्खियों में है। परिवहन विभाग में सेवा के नाम पर सक्रिय दलालों के द्वारा मनमाना वसूली करके मनमाफिक ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए जा रहे हैं। इनकी पहुंच ऑफिस के अंदर तक होने के कारण विभाग के कर्मचारियों की तरह बैठकर काम करते इन्हें देखा गया है। विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि परिवहन विभाग का कार्यालय इन्हीं की मेहरबानी पर चल रहा है। विभाग के जिम्मेदारों का सब कुछ जानकार भी मूक रहना इन्हें मिले अभयदान को इंगित कराता है। यही कारण है कि परिवहन विभाग में मिलीभगत और कमीशन खोरी की चर्चा शहर तक में होने लगी है। अंतर्राज्यीय वाहन चालकों के द्वारा लेन-देन करके आसानी से यहां से लाइसेंस बनवाया जा रहा है। गाड़ियों का फिटनेस भी आसानी से इन्हें मिल जाता है। किसी काम को लेकर अगर विभाग के वास्तविक कर्मचारियों से संपर्क किया जाए, तो ये काई की तरह जमे रहने वाले दलालों का रास्ता दिखा देते हैं। किसी का मामूली काम आसानी से निपट जाए, यह मंशा यहां के जिम्मेदारों की नहीं रहने से जरूरतमंदों को आए दिन चक्कर काटना पड़ता है। दिगर राज्य के लोगों पर इय कार्यालय के कर्मचारियों की मेहरबानी कुछ अधिक ही रहती है।
परिवहन सेवा केंद्र का गोल-मोल जवाब
दलालों की सक्रियता को लेकर जिम्मेदारों के सामने सवाल उठाए जाने पर अधिकारी कहते हैं कि परिवहन सेवा केंद्र खुल गया है। परिवहन सेवा केंद्र के एजेंट समझें वे क्या कर रहे हैं। हमारे पास फोटो खिंचवाने के लिए आते हैं, हम लोग आगे का काम करते हैं। परिवहन सेवा केंद्र व एजेंट से पल्ला झाड़ने वाले अधिकारी यह बताने की जहमत नहीं उठाना चाहते कि इनकी गलत कारगुजारी सामने आने पर कार्रवाई कौन करेगा।
पूर्व मंत्री के खास होने की चर्चा आम
बलरामपुर परिवहन विभाग के अधिकारी पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के मंत्री के चहेते होने की बातें खुलेआम होती रही हैं। कई बार शिकायत के बावजूद इन पर कार्रवाई नहीं होना भी इस चर्चा को पुष्ट करता है। देखना यह है कि बिना लेन-देन के काम का निर्देश देने वाली भाजपा सरकार ऐसे राजनीतिक रसूख रखने वाले अधिकारी पर क्या कार्रवाई करती है, या पुन: ये नए मंत्रीमंडल के मंत्रियों के चहेते बनते हैं।
आरटीओ नाका पर जमकर वसूली
छत्तीसगढ़-झारखंड को जोड़ने वाली अंतरराज्यीय सीमा पर आरटीओ विभाग के द्वारा कैंप लगाकर मालवाहक वाहनों के कागजातों की चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। उगाही के कारण अंतरराज्यीय सीमा पर मालवाहकों की घंटों लंबी लाइन लगी रहती है। जब तक इनके वसूली की इच्छा पूरी नहीं होती, तब तक ये गाड़ी छोड़ने का नाम ही नहीं लेते हैं।

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