धान समिति त्रिकुंडा के उपकेंद्र बगरा में ऐसे हो रही किसानों से अवैध उगाही

कर्मचारी के द्वारा स्पष्ट कहा गया-दो सौ से कम तो मैं लेबे नहीं करता हूं

 

गिरिजा ठाकुर

अंबिकापुर। धान खरीदी केंद्रों में किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए सरकार के द्वारा दिए गए निर्देश का अक्षरश: कितना पालन हो रहा है, यह बलरामपुर जिला के रामचंद्रपुर ब्लाक अंतर्गत धान खरीदी केंद्र त्रिकुंडा के उपकेंद्र बागरा में देखने को मिल रहा है। यहां पदस्थ कर्मचारी के द्वारा किसानों से दो-दो सौ रुपये की जबरन वसूली की जा रही है। उक्त कर्मचारी के द्वारा किसान से ली जाने वाली रकम का एक वीडियो वायरल हुआ है। एक मिनट 19 सेकेंड के इस वीडियो में कर्मचारी एक किसान से अवैध उगाही करते दिख रहा है। वायरल वीडियो में धान खरीदी केंद्र में पदस्थ कर्मचारी धान लेकर पहुंचे एक किसान से रुपये की खुलेआम मांग करते नजर आ रहा है। किसान के द्वारा रुपये देने में आनाकानी करने पर वह कह रहा है कि हम तो लेबे करेंगे, दीजिए… किसान बोल रहा है कि खुला नहीं है… कर्मचारी बोल रहा है कि खुला देंगे ना हमारे पास सब व्यवस्था है… कर्मचारी बोल रहा है कि कितना देंगे, किसान सौ रुपये काट लीजिए। इधर कर्मचारी 500 रुपये का नोट हाथ में लगते ही दो सौ रुपये काटकर तीन सौ रुपये वापस कर देता है। कर्मचारी कहता है कि दो सौ रुपये से कम मैं लेवे नहीं करता हूं। किसान उक्त कर्मचारी से निवेदन करता है इतना मत लीजिए, लेबर को भी मजदूरी देना होगा। कर्मचारी कहता है कि मैं वाजिब लेता हूं, जबरदस्ती नहीं करता हूं। रुपये मिलने के बाद कर्मचारी कहते नजर आ रहा है, आइए धान के पास लिख दे रहा हूं। जगदेव चाचा से रजिस्टर में एंट्री कराने कहा गया। ऐसा ही मामला सरगुजा के लखनपुर ब्लॉक अंतर्गत अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल के समक्ष निरीक्षण के दौरान पूर्व में आया था, जिसमें कर्मचारी द्वारा किसानों से सौ-सौ रुपये वसूला जा रहा था। मामला संज्ञान में आने के बाद विधायक ने कर्मचारी को फटकार लगाई थी, वहीं प्रशासन ने उक्त कर्मचारी के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए उसे धान खरीदी केंद्र से हटा दिया था। इसके बाद सरगुजा संभाग के रामचंद्रपुर विकासखंड अंतर्गत का यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ है। संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग उठ रही है, लेकिन अभी तक किसी प्रकार की प्रतिक्रिया प्रशासन की ओर से सामने नहीं आई है। धान खरीदी केंद्र में कुंडली मारकर बैठा यह कर्मचारी बिना किसी डर, भय का अवैध वसूली किसानों से करने में लगा है। ऐसे में सभी धान खरीदी केन्द्रों में जिला प्रशासन की सख्त नजर की जरूरत महसूस हो रही है। कर्मचारी व किसान के बीच हुई बातचीत का अंश
कर्मचारी-हम त लेबे करेंगे, दीजिए।
किसान-खुला नहीं है सर।
कर्मचारी-खुला देंगे न भाई, हमारे पास सब व्यवस्था है।
कर्मचारी-कितना देंगे आप, बताइए।
किसान-सौ गो रूपिया काट लीजिए।
कर्मचारी-दो सौ रुपइया से कम तो मैं लेबे नहीं करता हूं। धान फ्रेश रहता है तो, धान में मिस्टेक रहा तो हजार।
किसान-मत अइसे मूड़ा।
कर्मचारी-आइए धान के पास लिख दे रहा हूं।
कर्मचारी-पांच सौ के नोट से दो सौ रुपये काटने के बाद किसान कुछ कहता है।
कर्मचारी-मैं वाजिब…वैसा नहीं है, मैं जबरदस्ती नहीं करता हूं।
कर्मचारी-ठीक है हो गया ना आपका काम, जगदेव चाचा से रजिस्टर में एंट्री करवा लीजिएगा। इसके बाद अगला किसान…मेरा भी कर दीजिए ना साहब।

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